बांदा। ससुराल में युवती और दो बच्चों की जलकर मौत के मामले में पति को अदालत ने 10 साल की कैद व 15 हजार रुपये जुर्माना से दंडित किया। महोबा के तकियापुरा निवासी करीम बख्श पुत्र इमाम बख्श ने कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि दस साल पहले उसने अपनी पुत्री आसमां बानो की शादी बांदा के खुटला मोहल्ला निवासी रफीक पुत्र रमजान के साथ की थी। पुत्री के दो पुत्र व एक पुत्री है। रफीक दहेज की मांग को लेकर आसमा को प्रताड़ित करने लगा।
5 मई 2012 को पुत्री ने फोन पर बताया कि पति उसे और बच्चों को घर में बंदकर तीन दिन से खाना नहीं दे रहा। आरोप लगाया कि रफीक ने रात को आसमां पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी। दो मासूम बच्चे एजाज व खुशी भी झुलस गए। 6 मई को आसमां की मौत हो गई और पहली जून को दोनों बच्चों ने भी दम तोड़ दिया। विशेष अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम केके अस्थाना की अदालत में सुनवाई के दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता मूलचंद्र कुशवाहा ने छह गवाह पेश किए। न्यायाधीश ने बुधवार को सुनाए फैसले में अभियुक्त को धारा 306 आईपीसी में 10 वर्ष की कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर दो साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। 498 में तीन साल की सजा व पांच हजार रुपये जुर्माना किया है।