बांदा। ससुराल में युवती को आत्महत्या के लिए मजबूर करने पर अदालत ने पति और ननद को पांच-पांच साल की कैद और तीन-तीन हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। दोनों को जेल भेज दिया गया।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक कौशांबी जिले के सैनी थाना क्षेत्र के घुमाई गांव निवासी पप्पू केसरवानी पुत्र रामखिलावन ने कमासिन थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि उसने अपनी बहन गीता देवी की शादी आठ साल पहले लखनपुर गांव निवासी धरमराज के पुत्र मुन्नालाल केसरवानी के साथ की थी।
ससुराल में दहेज के लिए उसे लगातार प्रताड़ित किया जाता रहा। 11 फरवरी 2011 को पति मुन्नालाल और उसकी विधवा बहन चुन्नी देवी ने गीता की बुरी तरह पिटाई की। उसने फोन पर मायके में सूचना दी। उसी दिन दोपहर को यमुना नदी में कूदकर जान दे दी।
विवेचना के बाद पति मुन्नालाल व ननद चुन्नी देवी के खिलाफ अदालत में धारा 498ए और 306 के तहत आरोप पत्र दाखिल किया गया। अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय संजय सिंह की अदालत में सुनवाई के दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता मिस्कीन अली ने पांच गवाह पेश किए। शुक्रवार को न्यायाधीश ने दोनों अभियुक्तों को धारा 306 में 5 साल की सजा व 2-2 हजार रुपये जुर्माना और 498ए में 2 साल की कैद व एक-एक हजार रुपये जुर्माना किया।