बांदा। एक और किसान ने फांसी लगाकर जान दे दी। सूखे से खेत न बो पाने और लगभग दो लाख रुपये कर्ज से परेशान किसान ने खेत में लगे एचटी लाइन के टावर में साफी बांधकर गले में फंदा कस लिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। प्रशासन का कहना है कि कलह या डिप्रेशन में फांसी लगाई है। मौत की वजह कृषि जनित क्षति नहीं है।
सदर तहसील क्षेत्र के बड़ोखर खुर्द गांव के किसान बलवीर सिंह (52) का शव शनिवार को सुबह खेत के नजदीक एचटी लाइन टावर पर टंगा मिला। खबर फैलते ही गांव के लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने शव को कब्जे मेें लेकर पंचनामा की प्रक्रिया पूरी करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतक के भाई राकेश ने बताया कि बलवीर सिंह के नाम 24 बीघा जमीन है। सूखे से आधी से अधिक जमीन की बुआई नहीं हो पाई। जिन खेतों में बुआई की थी, वहां की फसल अन्ना मवेशी सफाचट कर गए। राकेश के मुताबिक बलवीर ने इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक से दो लाख रुपये कर्ज ले रखा था। इतना ही पैसा उसे साहूकारों को देना था।
उसके दो पुत्रियां हैं। दोनों की शादी हो चुकी है। घर में पति-पत्नी रहते थे। परिजनों के मुताबिक वह कर्ज के तनाव में था। शनिवार की रात रोज की तरह घर से खाना खाकर फसल की रखवाली के लिए ट्यूबवेल पर सोने गया था।
सुबह ग्रामीणों ने शव फांसी पर टंगा देखा। एसडीएम सदर अनुज सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मृतक के परिजनों से जानकारी ली। उधर, तहसीलदार ने कहा है कि उसके खेत में गेहूं की फसल अच्छी दशा मेें खड़ी है। ट्यूबवेल उपलब्ध है। घरेलू कलह अथवा डिप्रेशन में फांसी लगाया जाना प्रतीत होता है।