जसपुरा ब्लाक प्रमुख और एक क्षेत्र पंचायत सदस्य सहित पांच लोगों के विरुद्ध अपहरण और एससीएसटी सहित कई संगीन धाराओं की रिपोर्ट दर्ज की गई है। पेशे से शिक्षक इसी ब्लाक के क्षेत्र पंचायत सदस्य ने अपने अपहरण और वोट के लिए धौंस-धमकी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
जसपुरा ब्लाक में सपा की ब्लाक प्रमुख सादिका खातून को अविश्वास प्रस्ताव से हटा दिए जाने के बाद पिछले माह यहां ब्लाक प्रमुख पद के लिए उप चुनाव/मतदान हुआ था। इसमें जगतवीर सिंह चुनाव जीतकर ब्लाक प्रमुख बन गए हैं। मतदान के दिन से ही यहां के क्षेत्र पंचायत सदस्य और एक प्राइवेट स्कूल में टीचर बृजलाल ने ब्लाक प्रमुख जगतवीर सिंह सहित कई लोगों पर पुत्र के अपहरण और वोट के लिए धमकी के आरोप लगाए थे।
पुलिस को तहरीर दी थी। शनिवार (9 जून) को देर रात जसपुरा थाने में बृजलाल की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हो गई। नामजद अभियुक्तों में ब्लाक प्रमुख जगतवीर सिंह सहित क्षेत्र पंचायत सदस्य भोला निषाद और क्षेत्र पंचायत सदस्य के पति राममिलन निषाद सहित राजवीर, रामकिशोर निषाद और 4-5 अज्ञात व्यक्ति शामिल हैं। इन सभी के विरुद्ध धारा 147, 148, 149, 364, 342, 171बी और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (नृशंसता निवारण) अधिनियम 1989 की धारा 3(2)(वीए) की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
एफआईआर में बृजलाल ने बताया कि 25 अप्रैल को वह अपने स्कूल में कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी करके दिन में करीब साढ़े 11 बजे बाइक से घर के लिए निकला तो क्षेत्र पंचायत सदस्य भोला निषाद, सदस्य पति राममिलन निषाद (गड़रिया) उसे ब्लाक प्रमुख के पास ले जाने की बात कहकर बाइक पर बैठाकर सिकहुला गांव के ट्यूबवेल में ले गए। वहां जगतवीर सिंह (अब ब्लाक प्रमुख) और राजवीर सिंह व रामकिशोर निषाद भी थे। जगतवीर ने कहा कि वह ब्लाक प्रमुख का चुनाव लड़ रहा है। एक लाख रुपये ले लो और मेरे पक्ष में वोट दो।
बृजलाल ने इनकार किया तो क्रोधित हो गए और रिवाल्वर और तमंचे के बल पर चार पहिया वाहन में डालकर उसे भरुआ सुमेरपुर में कहीं ले गए। हाथ-पैर बांधकर कमरे में बंद कर दिया। रामकिशोर ने बृजलाल की पत्नी को फोन पर कहा कि ब्लाक प्रमुख का वोट पड़ने तक उसका पति उनके कब्जे में रहेगा। पुलिस को सूचना दी तो जीवित नहीं छोड़ेंगे। वहां से उसे कानपुर ले गए। अज्ञात स्थान पर बंदी बनाकर रखा और वोट के लिए धमकाते रहे। 2 मई को 4-5 लोग उसे चौपहिया वाहन में लेकर जसपुरा कार्यालय आए। यहां रिवाल्वर अड़ाकर कहीं ले गए और कमरे में बंद कर दिया। उसे उप चुनाव में वोट नहीं डालने दिया।