दस्यु संग्राम के आतंक पर फिलहाल विराम लग गया है। अपने सगे भाई राजाबाबू के साथ आए दिन अपने पैतृक गांव नौगवां समेत पड़ोसी मध्य प्रदेश तक अपराध की वारदातें अंजाम देते रहे दोनों दस्यु भाइयों के जेल पहुंच जाने के बाद फिलहाल नौगवां गांव में खुशी का माहौल है। दोनों की गिरफ्तारी से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। वे बोले, इनके खौफ से वीरान पड़े खेत भी अब जल्द ही हरे भरे हो जाएंगे।
नौगवां गांव निवासी संग्राम सिंह इधर कुछ अरसे से अपने गांव वालों को ही अपने जुल्म का शिकार बना रहा था। हाल के कुछ महीनों में उसने गांव के बाहर खेतों मेें किसानों की धुनाई-पिटाई कर खदेड़ दिया। उसके खौफ से लोगों ने खेत जाना छोड़ दिया। इसी साल फरवरी माह में संग्राम ने अपने गांव के राम भरोसी माली का अपहरण कर लिया था। राम भरोसी के पिता कौशल किशोर बताते हैं कि दो लाख रुपये फिरौती देकर बेटे की पकड़ छुड़ाई।
फिरौती के लिए यह रकम उसने कर्ज से ली थी। संग्राम की गिरफ्तारी से उन्हें खुशी है। गांव के रामस्वरूप बताते हैं कि संग्राम या उसके परिवार से कभी कोई विवाद नहीं हुआ, लेकिन पुलिस की मदद करने पर संग्राम उनसे रंजिश मान बैठा। उनके घर में आग लगा ली।
संग्राम के खौफ से नौगवां छोड़कर नरैनी मेें रह रहे विनोद कुमार शिवहरे ने बताया कि 10 वर्ष पुरानी बात को लेकर संग्राम उनके बटाईदारों को डरा-धमका रहा था। नतीजे मेें कोई भी उनके खेत में काम करने को तैयार नहीं था। अब गिरफ्तारी से राहत मिली है।