दस्यु सरगना संग्राम सिंह और उसके भाई राजाबाबू तथा एक अन्य धर्मराज को पुलिस मुठभेड़ में दबोचने के दावे की इन्हीं सरगनाओं ने ही दम निकाल ली। अदालत में पेशी के दौरान पुलिस ने भरपूर कोशिश की कि मीडिया के सामने दस्यु सरगना मुंह न खोल सके, लेकिन मीडिया कर्मियों के कुरेदने पर संग्राम सिंह ने कहा कि उसने डीआईजी की मौजूदगी मेें गजपतिपुर गांव के बाहर सरेंडर किया है। इसी बीच वह अपने अापराधिक जीवन की शुरूआत के बारे मे मीडिया को कुछ बताना चाहता था, लेकिन उसकी हथकड़ी पकड़े सिपाहियों ने उसे रोक दिया। हालांकि दस्यु सरगना से कुछ पुलिस कर्मियों की दोस्ताना बातचीत चलती रही। अतर्रा प्रतिनिधि के मुताबिक पहली दिसंबर की रात करीब 10 बजे दावत के बाद संग्राम और उसके भाई ने अपने को पुलिस के हवाले किया। डीआईजी की पहल पर आत्मसमर्पण के लिए मध्यस्थता कर रहे एक थानाध्यक्ष स्कार्पियो व कमांडर वाहनों से गजपतिपुर गांव के जंगल में पहुंचे थे। यह भी चर्चा है कि संग्राम सिंह ने अपने कुछ अच्छे असलहे कहीं गुम करा दिए। बताते हैं कि नजदीक के एक पुरवा में इन्हें रखवाया गया था। यह भी तेज चर्चा रही कि समर्पण की जंगल मेें किसी ने मोबाइल फोन पर वीडिया फिल्म बना ली थी। वाट्सअप के जरिए इस नजारे को उसी समय लखनऊ व कुछ पुलिस उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया।