बबेरू। सूखे की मार झेल रहे किसानों को फिलहाल मौसम
में बदलाव और बूंदाबांदी से कोई फायदा नहीं हुआ। अलबत्ता खेत में काम कर
रही एक महिला समेत चार की बिजली गिरने से मौत हो गई।
मंगलवार को
दिन भर धूप के बाद शाम लगभग पांच बजे अचानक घिरे बादल और आंधी से किसानों
को सूखे पड़े खेतों में बारिश से रबी की बुआई की उम्मीद बंधी थी।
रात
भर बादल गरजे तो खूब लेकिन बारिश के नाम पर सिर्फ बूंदाबांदी ही हुई।
बुधवार को सुबह एक बार फिर बादल घिर आए पर वह भी बिना बरसे चले गए। कड़क के
साथ आकाशीय बिजली ने तीन की जान लील ली।
मरका थाना क्षेत्र के
गोंडा गांव का लवलेश (19) पुत्र रामसिया यादव बुधवार की सुबह दरवाजे पर नीम
के पेड़ के पास बंधी भैंस खोलने गया। इसी बीच पेड़ पर गाज गिरने से वह
गंभीर रूप से झुलस गया।
एक अन्य घटना में अहार गांव की महिला किसान
भोला देवी (45) पत्नी रामपाल यादव बुधवार को दोपहर खेत में धान पछोर रही
थी। इसी बीच आकाशीय बिजली गिरने से उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
उधर,
मुरवल गांव के मजरा रमपुरवा निवासी राजू (12) पुत्र छोटेलाल खेत में काम
कर रहे अपने बड़े भाई के पास खेल रहा था। आकाशीय बिजली गिरने से उसकी मौत
हो गई।
पुलिस ने तीनों शवों को पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज
दिया। एसडीएम सुरेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने
के बाद यथा संभव आर्थिक मदद दिलाएंगे।
कमासिन प्रतिनिधि के मुताबिक
मंगलवार की रात तेज आंधी से बाबू पुरवा निवासी शिवभूषण वर्मा के मकान की
दीवार गिर गई। मलबे में दबकर एक गाय और एक भैंस की मौत हो गई।
घटना
की सूचना थाने व तहसील में दी गई है। खप्टिहा कलां प्रतिनिधि के मुताबिक
पैलानी तहसील क्षेत्र के सिंधनकलां गांव निवासी मूलचंद्र श्रीवास (68) और
राम किशोर (60) पुत्र मिरखू कोरी बुधवार को दोपहर मवेशी चराने गए थे।
वहीं
पर आकाशीय बिजली गिरने से मूलचंद्र की घटना थल पर मौत हो गई। राम किशोर
गंभीर रूप से झुलस गया। उसे सीएचसी मेें भर्ती कराया गया। कानूनगो केसी
वर्मा ने बताया कि मूलचंद्र का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।