फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एमपी से भी संपर्क, खोजबीन को पांच टीमें लगाई गईं

Sat, 22 Sep 2018 11:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
विज्ञापन
शोरूम का निरीक्षण करते डीआईजी मनोज तिवारी व एसपी एस आनंद। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

शनिवार को शाम अपर पुलिस महानिदेशक (इलाहाबाद जोन) एसएन सांवत ने भी मौका मुआयना कर पुलिस अफसरों को व्यापारी की तलाश करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने मीडिया को बताया कि अपहृत व्यापारी को ले जानी वाली इनोवा के भागने की दिशा तो पता चल गई है, पर सटीक ठिकाना फिलहाल नहीं मिला है। कबरई (महोबा) तक लोकेशन मिली है। उसके आगे की नहीं। कहा कि सीमावर्ती मध्य प्रदेश के सागर, छतरपुर, पन्ना आदि जिले के पुलिस अधिकारियों से भी संपर्क किया गया है।

विज्ञापन


उन्होंने बताया कि बांदा में डीआईजी और एसपी के निर्देशन में पांच टीमेें गठित की गई हैं। बताया कि शोरूम के कर्मचारियों द्वारा बताए गए हुलिया के आधार पर स्कैच भी बनाया जाएगा। पूना से टीम बुलाई गई है, वह पहुंचने वाली है। एडीजी ने उम्मीद जताई कि जल्दी ही शोरूम मालिक की रिहाई और बदमाशों की गिरफ्तारी होगी।

मंडल मुख्यालय में व्यापारी के अपहरण और लूट की सनसनीखेज वारदात से व्यापारियों में उबाल है। व्यापारियों सहित कई संगठनों ने कड़ा विरोध जताते हुए 48 घंटे में अपहृत व्यापारी सकुशल छुड़ाने की मांग की है। साथ ही आंदोलन की चेतावनी दी है। नगर उद्योग युवा व्यापार मंडल ने एसपी को ज्ञापन देकर कहा कि लूट और अपहरण की इस घटना से व्यापारियों में भय और आक्रोश है। इससे कारोबार प्रभावित हो रहा है।
विज्ञापन


48 घंटे के अंदर व्यापारी की बरामदगी और घटना का खुलासा न हुआ तो वह आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। ज्ञापन देने वालों में प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष कुमार गुप्ता, जिलाध्यक्ष सत्य प्रकाश सर्राफ, उपाध्यक्ष ज्वाला प्रसाद गुप्ता सहित अमित सेठ भोलू, इंद्रेश कुमार जड़िया, रजत सेठ, शंकरलाल गुप्ता, संतोष अनशनकारी, योगेंद्र भदौरिया, स्वदेश गौरव शिवहरे, विष्णु कुमार गुप्त, सत्य प्रकाश, पुष्कर द्विवेदी, राममिलन तिवारी आदि शामिल रहे।

अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रतिनिधिमंडल ने डीआईजी मनोज तिवारी से मिलकर ज्ञापन दिया। इसमें शहर में हुई इस घटना पर गहरी चिंता जताई और पुलिस के लिए चुनौती बताया। कहा कि व्यापारी को सकुशल छुड़ाया जाए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो उनका संगठन आंदोलन करेगा। ज्ञापन देने वालों में संगठन के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार जैन, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष राज कुमार राज, वीरेंद्र गोयल (अध्यक्ष कैट), बाबूलाल शिवहरे, अशोक गुप्ता, राकेश गुप्ता, जय कुमार गुप्ता, कमलेश चौरसिया, प्रदीप जड़िया, कैप्टन सूर्य प्रकाश मिश्र आदि थे।

उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन ने भी एसपी को ज्ञापन देकर कहा कि जल्द ही घटना का खुलासा और व्यापारी की बरामदगी की जाए। शहर में जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष विनय चौरसिया सहित रानी साहू, केदार अग्रवाल, मोनिस कमाल इत्यादि शामिल रहे। उधर, जिला कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधिमंडल ने एएसपी लालभरत पाल को दिए ज्ञापन में अपहरण और डकैती घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि शहर में ऐसी यह पहली घटना है। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष अखिलेश शुक्ला, शहर अध्यक्ष राजबहादुर गुप्ता, एमयू दुर्रानी, मोहम्मद इदरीश, मुमताज अली, केशव पाल, शोएब रिजवी, शब्बीर सौदागर, धर्मेंद्र सिंह, राममिलन सिंह पटेल, मोहम्मद इस्लाम, जावेद खां, धीरेंद्र पटेल आदि शामिल रहे। 

बुंदेलखंड इंसाफ सेना ने डीएम को ज्ञापन देकर अपहरणकर्ताओं की गिरफ्तारी और व्यापारी की बरामदगी की मांग की है। अध्यक्ष एएस नोमानी सहित विमल कृष्ण श्रीवास्तव, दिवाकर सिंह खंगार, नोखेलाल खंगार, सरफराज खां, लक्ष्मी नारायण, विचित्र बाबू, जितेंद्र सिंह खंगार, आरके समुद्रे, जागेश्वर अवस्थी आदि शामिल रहे। 
विज्ञापन

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें