बांदा। खप्टिहाकलां केन नदी खदान का ठेका लेने वाली कंपनी नार्दन एक्सप्रेस-वे अवैध खनन के मामले में फंस गई है। उसके तीन कर्मी/पार्टनर पर खनिज अधिकारी ने अवैध खनन की एफआईआर दर्ज कराई है। गोरखपुर की कंपनी नार्दन एक्सप्रेस वे ने यहां खप्टिहाकलां की खदान मई माह में ई-टेंडर के जरिये 6 करोड़ 14 लाख 33 हजार 460 रुपये में ली थी। पट्टा नितीश कुमार त्रिपाठी के नाम है। कंपनी द्वारा यहां खनन कराया जा रहा है। कंपनी को गाटा संख्या 356 (10 एकड़) का पट्टा मिला हुआ है। लेकिन इससे हटकर भी खनन कराया जा रहा है। एसडीएम पैलानी सुरेंद्र प्रसाद यादव ने शुक्रवार को खदान का निरीक्षण किया तो पाया कि कंपनी द्वारा अपने निर्धारित गाटा से हटकर खनन कराया जा रहा है। एसडीएम ने यह रिपोर्ट डीएम को दी। इस पर रविवार को खनिज अधिकारी आरपी सिंह ने पैलानी थाने में अवैध खनन की रिपोर्ट दर्ज करा दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि निरीक्षण के दौरान 20 मीटर लंबी, 10 मीटर चौड़ी और एक मीटर गहरी खदान से 2000 घन मीटर बालू का अवैध खनन किया गया है। अवैध खनन कराने वालों में अमलेंदु पांडेय उर्फ नंदू पांडेय पुत्र सुरेंद्र कुमार पांडेय (निवासी मिर्जापुर) और सचिन मिश्रा पुत्र राजबहादुर मिश्रा (निवासी फतेहपुर) है। खनिज अधिकारी की इस तहरीर पर पट्टा धारक नितीश कुमार सहित अमलेंदु और सचिन के विरुद्ध खान एवं खनिज अधिनियम-1957 की धारा 4 व 21 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।