हत्या के जुर्म में अदालत ने पिता समेत तीन पुत्रों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उन पर 32 हजार रुपये जुर्माना भी किया गया। जुर्माना अदा न करने पर दो साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक गिरवां थाना क्षेत्र के स्योहद गांव निवासी कमल कुमार ने पुलिस चौकी खुरहंड में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि 5 जनवरी 2011 को उसके पिता पयस्वनी प्रसाद बीड़ी व गुटखा लेने दुकान गए थे। वापस लौटते समय राजेंद्र शुक्ला पुत्र भागवत प्रसाद ने अपने पुत्रों विनीत उर्फ सोनू, सुनीत उर्फ मोनू व संदीप उर्फ डल्लू को ललकारते हुए मारने को कहा।
लाइसेंसी बंदूक व तमंचे से पयस्वनी पर जान से मारने की नियत से फायर करने लगे। गोली लगने से मौके पर ही उनकी मौके पर मौत हो गई। वह अपने भाई विनोद व विमलेश के साथ पिता के शव के पास पहुंचे तो उन्हें भी जान से मारने की नियत से फायर किया। विवेचना अधिकारी सीएल चौधरी ने सभी आरोपियों के विरुद्ध अदालत में धारा 302, 307/34 आईपीसी व 7क्रिमिनल ला एमेडमेंट एक्ट और 25 आर्म्स एक्ट के तहत आरोप पत्र दाखिल किया।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश के आदेश पर यह मामला अपर सत्र न्यायाधीश (प्रथम) केके अस्थाना की अदालत भेज दिया गया। सुनवाई के दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता मूलचंद्र कुशवाहा ने सात गवाह पेश किए। शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश ने चारों को दोष सिद्ध पाया।
धारा 302/34 में सभी को उम्रकैद व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना, 307/34 में पांच-पांच वर्ष कैद व दो-दो हजार रुपये जुर्माना और संदीप व विनीत को आर्म्स एक्ट में तीन-तीन साल की कैद व दो-दो हजार रुपये से दंडित किया। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। अभियुक्त राजेंद्र शुक्ला जमानत पर था। बाकी तीन अभियुक्त घटना के समय से जेल में हैं।