शहर कोतवाली पुलिस ने मोबाइल फोन और सिम बेंचने वाले
छह दुकानदारों को गिरफ्तार किया है। इनकी दुकानों से बड़ी संख्या में फर्जी
आईडी पर सिम, मोबाइल फोन, आईडी और स्टाक व मुहर बरामद हुई। शनिवार शाम शहर
कोतवाली में पुलिस ने पकड़े जखीरे दिखाए। डीएम सुरेश कुमार और एसपी राकेश
शंकर ने भी इसे देखा।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शनिवार को शाम
पुलिस टीम ने शहर के कई मोहल्लों में चल रही दुकानों में छापे मारकर पांच
सिम विक्रेता और मिनी डिस्ट्रीब्यूटर को पकड़ा। इनमेें बृजेश निषाद (जरैली
कोठी) के पास फर्जी आईडी से एक्टिवेटेड 1405 सिम कार्ड, लैपटॉप, आईडी के
फर्जी फार्म आदि बरामद हुए।
दीपू प्रजापति खाईपार की दुकान से
विभिन्न कंपनियों के 48 एक्टीवेट सिम कार्ड, 205 लोगों के फोटो, एक
लेमीनेटर, दो डेस्कटॉप, एक प्रिंटर स्कैनर, 36 फर्जी आधार कार्ड, 3 फर्जी
आईडी और 6 मुहर तथा गुड्डू राईन (मर्दन नाका) और मनीष गुप्ता व ओमबाबू
गुप्ता (महेश्वरी देवी) तथा दीपक (सिविल लाइन) की दुकानों से भी सिम, आईडी
आदि बरामद हुईं। कुल बरामद फर्जी आईडी वाले सिम की संख्या 332 बताई गई।
दो
मोबाइल, 16 मुहर और फर्जी आईडी भी बरामद हुईं। एसपी ने बताया कि इसका
सरगना बृजेश निषाद वोडाफोन कंपनी के सिम कार्डों की फर्जी आईडी तैयार कर
रिटेलरों को सिम मुहैया कराता था। दीपू प्रजापति यूनीनार, आइडिया, डोकोमो
कंपनियों के सिम फर्जी तरीके से एक्टीवेट कर बेंचते थे।
इन सभी के
विरुद्ध कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है। धर पकड़ वाली पुलिस टीम ने सीओ
विनोद सिंह, शकर कोतवाल आनंद कुमार सिंह, महिला थानाध्यक्ष रीता सिंह, उप
निरीक्षक विजय सिंह, रामबाबू यादव, अजय सिंह, संजय सिंह, लालजी सिंह, कृष्ण
कुमार यादव आदि शामिल रहे।
फर्जी आईडी से निकाले गए सिम कार्ड पर
इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल फोन से पुलिस अधिकारी भी महफूज नहीं। एसपी ने
बताया कि ऐसे मोबाइल फोन से झूठी सूचना वाले काल और मैसेज भेजे जा रहे हैं।
शुक्रवार को ऐसी ही एक काल आई कि बिसंडा में पांच बच्चों का अपहरण
हो गया है। तफ्तीश में पता चला कि फर्जी आईडी से निकाले गए सिम से यह काल
की। इसी तरह शहर कोतवाल को फोन पर जमकर गाली-गलौज की गई।