अतर्रा। चार मकानों और पशुबाड़े में आग लगने से पांच भैंसों की मौत हो गई। भूसा, पुआल समेत गृहस्थी भी राख हो गई। ग्रामीणों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। राजस्व कर्मियों ने लगभग आठ लाख रुपये का नुकसान बताया है।
थाना क्षेत्र के ओरहा गांव के मजरा जयराम बारी निवासी श्यामसुंदर कुशवाहा पुत्र दशरथ कुशवाहा के मवेशीबाड़े में शुक्रवार को तड़के चार बजे आग लग गई। कुछ ही देर में आग श्यामसुंदर के भाई काशी प्रसाद और रामलाल के मकान तक पहुंच गई।
पड़ोसी बद्री पुत्र रामचंद्र का मकान भी आग की चपेट में आ गया। पुरवा और आसपास के ग्रामीणों ने आग बुझाने की कोशिश की। फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले ही चारों मकान खाक हो चुके थे। श्यामसुंदर के मवेशी बाड़े में बंधी पांच दुधारू भैंसें जिंदा जल गईं। भूसा, पुआल और गृहस्थी भी स्वाहा हो गई। काशी प्रसाद, रामलाल और बद्री की घर-गृहस्थी भी राख हो गई।
श्यामसुंदर के पास चार बीघा जमीन है। वह दूध बेचकर परिवार पालता है। काशी प्रसाद कुशवाहा बांदा में मंडी सचिव हैं। एसडीएम विनय पाठक के आदेश पर नायब तहसीलदार संजय अग्रहरि ने लेखपाल व काननूगो के साथ नुकसान का जायजा लिया और आर्थिक मदद का भरोसा दिया। जिला पंचायत सदस्य विनीतिका द्विवेदी, साहिल द्विवेदी, बसपा मंडल कोआर्डिनेटर रामकिशोर वर्मा, डा.मधुसूदन कुशवाहा, मनोज द्विवेदी, प्रधान जयकरन वर्मा, शिवनायक सिंह आदि ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया।