बंटवारे में मिली छह बीघा जमीन की खातिर बांदा में रिश्तों का कत्ल हो गया। बुधवार देर रात घर के बाहर सो रहे दिव्यांग अविवाहित बड़े भाई की छोटे भाई ने हथौड़े से प्रहार कर हत्या कर दी। जिंदा न बच सके इसलिए गला भी घोट दिया। पुलिस ने आरोपी हत्यारे भाई को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने जमीन की खातिर हत्या करने की बात कबूल की है।
वारदात का गवाह बना बदौसा थाना क्षेत्र का हड़हा गांव। रामबरन उपाध्याय, नत्थू और शिवचरण सगे भाई हैं। पैर से दिव्यांग रामबरन (58) पुत्र देवशरण अविवाहित थे और छोटे भाई नत्थू के साथ रहते थे, जबकि शिवचरण बच्चों के साथ बदौसा में किराए के मकान में रहता है। बंटवारे में मिली हिस्से की 6 बीघा जमीन रामबरन भतीजे रमाकांत उर्फ रामू पुत्र नत्थू को देना चाहते थे। ये बात शिवचरन को नागवार गुजर रही थी। बुधवार की रात 11 बजे शिवचरण और रामबरन के बीच इसी बात को लेकर विवाद भी हुआ था। थोड़ी देर बाद रामबरन घर के दरवाजे पर पलंग पर सो गए। देर रात एक बजे शिवचरन ने उनके सिर पर हथौड़े से प्रहार कर हत्या कर दी और अंगौछे से गला भी घोंट दिया।
बृहस्पतिवार तड़के पांच बजे नत्थू की पत्नी सोकर उठने के बाद जब घर के बाहर आई तो रामबरन को खून से लथपथ मरा देखा। परिजनों की सूचना पर थाना पुलिस के साथ सीओ आलोक मिश्रा भी पहुंचे और शिवचरण से पूछताछ की। पुलिस ने जब सख्ती की तो उसने भाई की हत्या का जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर भूसे के ढेर से आलाकत्ल (हथौड़ा) भी बरामद कर लिया। एसओ आलोक सिंह ने बताया कि रामबरन के भतीजे रमाकांत की तहरीर पर शिवचरण के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। बताया कि आरोपी ने 6 बीघा जमीन भतीजे को देने के चक्कर में हत्या की बात भी कबूल की हैै।
परिजनों और गांव वालों के साथ मौजूद था आरोपी
बदौसा। भाई के खून से अपने हाथ रंगने के आरोपी शिवचरन घटना अंजाम देने के बाद फरार नहीं हुआ। परिजनों और गांव वालों के साथ वह भी सुबह जमघट में शामिल था। पुलिस की पूछताछ में वह ज्यादा देर टिक नहीं सका और अपना अपराध स्वीकार कर लिया। हालांकि इस बीच फोरेंसिक टीम और खोजी कुत्ता भी बुला लिए गए थे, लेकिन इनकी जरूरत ही नहीं पड़ी।
चार दिन पूर्व भेज पत्नी को भेज दिया था मायके
बदौसा। भाई को मौत के घाट उतारने की योजना शिवबरन ने शायद पहले ही बना ली थी। इसी योजना के तहत उसने अपनी शिक्षामित्र पत्नी और बच्चों को चार दिन पहले मायके भेज दिया था। रात बिताने रोजाना बदौसा से हड़हा आ जाता था। थानाध्यक्ष आलोक सिंह ने बताया कि घटना वाली रात बुधवार को दिन में शिवचरन थाने भी आया था। बदौसा में किसी व्यक्ति का मकान उसने दो लाख रुपये में गिरवी रखा है, लेकिन मकान मालिक दो माह से गायब है। उसकी रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए शिवबरन कई दिनों से थाने के चक्कर लगा रहा था। उधर, मृतक रामबरन के हिस्से की 6 बीघा जमीन अब राजस्व नियमों के तहत शिवचरन को मिलेगी।