एलआईसी एजेंट की मिलीभगत से जालसाजों ने चेक पर शाखा प्रबंधक के हस्ताक्षर स्कैन कर करीब दो लाख रुपये निकाल लिए। मामले की जांच इलाहाबाद मंडल मुख्यालय की टीम कर रही है।
अतर्रा प्रतिनिधि के अनुसार, प्रबंधक ने कहा कि रिपोर्ट आने के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी। एलआईसी एजेंट मनोज भदौरिया ने दो बीमा धारकों का अलग-अलग प्रमाणित फोटो आईडी के साथ 2400 रुपये की पालिसी जमा कराई।
रिफंड के लिए दोनों को 1240 रुपये का चेक एलआईसी मैनेजर के हस्ताक्षर से जारी किए गए। लापरवाही के चलते रजिस्टर रिसीविंग में बिना दस्तखत कराए ही चेक दे दिए गए। एजेंट ने यह चेक संबंधित पार्टी को दे दिए।
जालसाजों ने चेक स्कैन कराकर उनके जरिए एसबीआई बैंक सेक्टर 11, नई दिल्ली से 6 फरवरी को 1,86,501 रुपये रश्मि गुप्ता (खाता संख्या 32740222515 व चेक संख्या 62074) से निकाल लिया।
शाखा प्रबंधक संजय माथुर ने बताया कि एजेंट ही पार्टी का सत्यापन करता है। अधिक पैसा जमा कराकर चेक से रिफंड लिया जाता है। जिस व्यक्ति के नाम चेक दिया गया है, वह उस पते पर है ही नहीं। यदि इस पते पर खाताधारक नहीं है तो एजेंट ने सत्यापन कैसे किया? शाखा प्रबंधक ने कहा कि जल्द ही एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।