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शिक्षक पद पर भर्ती के नाम पर बेरोजगारों को ठगने वालों की जमानत अर्जी खारिज

Sat, 17 Jan 2015 11:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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बेरोजगारों को शिक्षक पद पर भर्ती के नाम पर ठगी करने वाले दो हाई प्रोफाइल अभियुक्तों की जमानत अर्जी अदालत ने खारिज कर दी। अभियुक्त लगभग 20 दिनों से जेल में हैं। इस मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं।
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हमीरपुर के रमेड़ी मुहाल निवासी प्रमोद कुमार पुत्र भूरेलाल ने यहां शहर कोतवाली में सूचना दी थी कि कुछ लोग दिल्ली व मुंबई में शिक्षक भर्ती/ट्रेनिंग के लिए यहां शहर के एक मैरिज हाल में बेरोजगारों का इंटरव्यू ले रहे हैं। 20-20 हजार रुपये का बैंक ड्राफ्ट भी जमा करा रहे हैं।

कोतवाली पुलिस ने 28 दिसंबर को मैरिज हाल में छापामार कर तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से 248 भरे हुए फार्म, 107 खाली फार्म, कुछ बुकलेट और एक रायफल, एक रिवाल्वर व एक दोनली बंदूक बरामद हुई।
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पुलिस ने धारा 420, 467, 468, 471 आईपीस के तहत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार अभियुक्त रत्नाकर उपाध्याय पुत्र सुरेशंचद्र (मूल निवासी जौनपुर और हाल मुकाम ऐशबाग, लखनऊ), मिथलेश कुमार पुत्र राम प्रसाद (चारबाग, लखनऊ) और कृष्ण कुमार (चित्रकूट) जेल भेज दिया। तब से तीनों जेल में हैं।

अभियुक्त रत्नाकर उपाध्याय और मिथलेश कुमार ने अधिवक्ता के जरिए अदालत में अपनी जमानत की अर्जी दी। शनिवार को इस पर सुनवाई हुई। विशेष न्यायाधीश (ईसी एक्ट) संजय सिंह अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनीं।

अभिलेख देखे। एडीजीसी मिस्कीन अली में जमानत अर्जी का कड़ा विरोध करते हुए अर्जी निरस्त किए जाने का अनुरोध किया। अंतत: पर्याप्त आधार न पाते हुए न्यायाधीश ने दोनों अभियुक्तों की जमानत अर्जी खारिज कर दी। इसके पूर्व इनकी जमानत अर्जी 5 जनवरी को सीजेएम कोर्ट भी खारिज हो चुकी है।
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