शहर के चर्चित पंजाब आर्मरी डकैती कांड में पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। एक नाबालिग आरोपी के अलावा शेष सभी 11 अभियुक्तों पर पुलिस ने डकैती समेत कई संगीन धाराएं लगाई हैं। विशेष न्यायाधीश (डकैती प्रभावी क्षेत्र अधिनियम) ने आरोप पत्र को संज्ञान में लेकर सुनवाई शुरू कर दी है। अगली सुनवाई 8 फरवरी को होगी।
14 दिसंबर 2017 की रात शहर के व्यस्त इलाके स्टेशन रोड पर स्थित पंजाब आर्मरी (सरदार बंदूक की दुकान) में बदमाशों ने डकैती डाली थी। दुकान के वृद्ध चौकीदार के हाथ-पैर बांधकर मुंह में टेप चिपकाकर दुकान के अंदर ही बंधक बना लिया था। बदमाशों ने इसके पूर्व मर्दननाका टेलीफोन टावर के पास खड़ी प्राइवेट बस (जुगनू बस सर्विस) चोरी कर ली थी और इसी बस में गैस कटर आदि रखकर बस को बंदूक की दुकान के ठीक सामने सटाकर खड़ा कर दिया था। दुकान बस की आड़ में छिप गई थी। बदमाशों ने दुकान से दो पिस्टल, 17 रिवाल्वर, 11 राइफल, 8 दोनाली (डीबीबीएल) बंदूक और 6 एकनाली (एसबीबीएल) बंदूक (कुल 44 शस्त्र) और विभिन्न बोर के 4180 कारतूस लूट लिए थे।
इसके बाद साथ लायी बोलेरो में भरकर रातोंरात महोबा, छतरपुर, सागर और भोपाल होकर मुंबई (महाराष्ट्र) भाग रहे थे। रास्ते में बोलेरो की नंबर प्लेट (महाराष्ट्र के नंबर) वाली बदल ली थी। तड़के महाराष्ट्र के चांदवाड़ (नासिक) में बोलेरो में पेट्रोल भराकर बिना पैसा दिए भाग निकलने पर चांदवाड़ थाना पुलिस ने घेराबंदी कर बोलेरो को पकड़ लिया था और सारे असलहे, कारतूस, नकदी बरामद कर चार बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया था।
इस डकैती की रिपोर्ट/मुकदमा बांदा शहर कोतवाली में पंजाब आर्मरी संचालक सरदार हरमिंदर सिंह ने दर्ज कराई थी। पुलिस ने 12 अभियुक्तों के विरुद्ध धारा 395, 412, 216-ए, 120-बी, 34 आईपीसी और उत्तर प्रदेश डकैती प्रभावी क्षेत्र अधिनियम की धारा 10 व 12 के तहत रिपोर्ट दर्ज की थी। कई बार मुंबई और नासिक की भागदौड़ के बाद कोर्ट के आदेश पर सभी आरोपियों को पुलिस पिछले वर्ष जुलाई में बांदा ले आई थी।
उन्हें यहां विशेष न्यायाधीश के समक्ष पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया था। तब से सारे अभियुक्त यहां जेल में बंद हैं। लगभग 10 माह की तफ्तीश के बाद कोतवाली पुलिस ने हाल ही में विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र) की अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। न्यायालय ने इसे संज्ञान में लेकर दर्ज करते हुए सुनवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने कुल 45 पर्चे काटे।
इनके विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल हुए
1. संजय सालुके (मुंबई)। 2. मोहम्मद सलमान उर्फ बड़ा सलमान (मुंबई)। 3. साहिर खां उर्फ बदीउज्जमां उर्फ सुक्का पासा (मुंबई)। 4. नागेश बनसोड़े (मुंबई)। 5. आमिर (मुंबई)। 6. वाजिद अली (मुंबई)। 7. नाबालिग आरोपी। 8. मोहम्मद जैद (हथौरा, बांदा)। 9. बहाउद्दीन (हथौरा, बांदा)। 10. मोहम्मद मुसाब (हथौरा, बांदा)। 11. मुन्नू लंगड़ा उर्फ महमूद उल्ला (हाथी खाना, बांदा)। 12. भुल्लू शेख उर्फ हबीबुर्रहमान (हरदौली, बांदा)। इनके अतिरिक्त दो आरोपी ओले उर्फ अमानउल्ला व अख्तर फुल्ली के विरुद्ध विवेचना चल रही है।
अलग-अलग धाराओं में आरोपपत्र
पुलिस ने आरोपपत्र में धारा 395, 149 आईपीसी व 10/12 डीए एक्ट के तहत सभी आरोपियों पर लगाई है, जबकि धारा 412 (माल बरामदगी) और 120-बी (साजिश) संजय सालुके, मोहम्मद सलमान उर्फ बड़ा सलमान, साहिर खां उर्फ बदीउज्जमां उर्फ अकबर बादशाह उर्फ सुक्का पासा और धारा 216-ए (आश्रय/पनाह देना) में मोहम्मद जैद, बहाउद्दीन व मोहम्मद मुसाब पर चार्जशीट दाखिल की है।
न्यायमित्र अधिवक्ता करेंगे आरोपियों की वकालत
आरोपियों की अदालत में पैरवी करने के लिए कोई वकील नहीं मिला। आरोपियों की अर्जी पर अदालत ने उन्हें न्यायमित्र अधिवक्ता उपलब्ध कराया है। उधर, अभियुक्तों ने आरोपपत्र में उन पर पुलिस द्वारा तय किए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वे निर्दोष हैं। पुलिस पर आरोप लगाया कि फर्जी तरीके से माल बरामदगी दर्शाई है। आरोपपत्र दाखिल होने के बाद सभी अभियुक्त विशेष न्यायाधीश डकैती की अदालत में पेश किए गए।
अभियुक्तों ने बमुश्किल आरोपपत्र पर हस्ताक्षर किए। अभियुक्त सुक्का पासा ने अदालत में गुहार लगाई कि उन पर जो आरोप तय किए गए हैं, वे गलत हैं। यह भी कहा कि अधिकांश अभियुक्त मुंबई के हैं। यहां उनकी पैरवी करने वाला कोई नहीं है। अभियुक्तों ने अर्जी दी कि सरकार/न्यायालय की ओर से वकील उपलब्ध कराया जाए। इस पर विशेष न्यायाधीश नीरज कुमार ने अभियुक्तों को न्यायमित्र अधिवक्ता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। अधिवक्ता राधेश्याम गुप्ता (न्यायमित्र) अभियुक्तों की पैरवी करेंगे।