बांदा। होली पर पति के परदेस से घर न लौटने पर क्षुब्ध युवती ने फांसी लगाकर जान दे दी। एक अन्य घटना में युवती ने ससुराल में जहर खाकर आत्महत्या कर ली। चिल्ला थाना क्षेत्र के लोमर गांव निवासी मैना (35) मुरलिया निषाद गुरुवार की रात घर के कमरे में फांसी पर झूल गई। उसके साथ सो रही आठ वर्षीय पुत्री मनीषा ने मां को फंदे से लटकता देखा तो शोर मचाया। परिजनों ने थाने में सूचना दी।
चचेरे ससुर राजाराम ने बताया कि मैना का पति सूरत में काम करता है। चार माह से वह घर नहीं आया। होली पर भी न आने से क्षुब्ध होकर मैना ने आत्महत्या कर ली। मृतका के एक पुत्र और तीन पुत्रियां हैं। भाई वीरेंद्र निवासी कोर्रा कनक (फतेहपुर) ने बताया कि ससुराल मेें मैना को कोई दिक्कत नहीं थी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
एक अन्य घटना में शहर कोतवाली क्षेत्र के बड़ोखर खुर्द गांव निवासी आरती (21) पत्नी विनोद ने गुरुवार को शाम जहर खा लिया। परिजन हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल लाए। यहां कुछ देर में उसकी मौत हो गई। विवाह तीन साल पहले हुआ था। डेढ़ साल का एक पुत्र है।
मां सुनीता (बनकी खोरा, पन्ना) ने बताया कि आरती मायके में उसे फोन कर रही थी। इसी बात पर पति ने पिटाई की। इसके पहले भी फोन करने पर अक्सर मारता-पीटता था। उधर, चचेरी सास उर्मिला ने बताया कि खाना बनाने को कहा तो फोन पर बात करने लगी। मना करने पर जहर खा लिया।