बांदा। मध्य प्रदेश की सीमा से सटे जनपद के जंगलों में दस्युओं का दखल बढ़ने पर पुलिस ने कांबिंग शुरू कर दी लेकिन अब तक कुछ हाथ नहीं लगा। कई वर्ग किलोमीटर में फैले कुलान जंगल की खाक छानने में पुलिस को खासी मशक्कत करना पड़ रही है। इस जंगल में कई दिनों से ललित पटेल का भाई गैंग के साथ डेरा डाले है। पुलिस अधीक्षक शालिनी के निर्देशन में रविवार को अपर पुलिस अधीक्षक लालभरत कुमार पाल के नेतृत्व में कई थाने की पुलिस फोर्स ने दस्यु प्रभावित फतेहगंज क्षेत्र में कांबिंग की। सुबह से शाम तक जंगल की खाक छानने के बावजूद डकैतों की पकड़ तो दूर उनका सुराग भी नहीं लगा। एएसपी श्री पाल ने बताया कि कुलान जंगल में डकैतों की आमदरफ्त की सूचना मिली थी। गैंग को घेरने के लिए भारी पुलिस व पीएसी बल के साथ कांबिंग की गई लेकिन डकैत हाथ नहीं लगे। उन्होंने स्वीकारा कि दो दिन पूर्व कुलान जंगल में गैंग देखा गया था। पूछताछ में ग्रामीणों और चरवाहों ने भी इसकी पुष्टि की। फिलहाल वह गैंग और दस्यु के बारे में नहीं बता सके। कांबिंग में अतर्रा क्षेत्राधिकारी कुलदीप गुप्ता, थाना निरीक्षक दुर्गविजय सिंह समेत कालिंजर, फतेहगंज व बदौसा थाना प्रभारी निरीक्षक शामिल रहे। फतेहगंज सीमा से सटे मध्य प्रदेश के थरपहाड़ में आबाद नया गांव से डकैत दो शिक्षकों को अगवा कर ले गए थे। तभी से बांदा और एमपी की पुलिस डकैतों की तलाश में कांबिंग कर रही है। चर्चा है कि पुलिस मुठभेड़ में मारे जा चुके दस्यु सरगना ललित पटेल का भाई फतेहगंज के जंगलों में डेरा डाले है। कांबिंग में