तमरार गांव में बलखड़िया के धावे के बाद चेकडैम में
निर्माण कार्य दूसरे दिन शनिवार को भी ठप रहा। ठेकेदार ने बताया 9 अक्तूबर
से ही फोन पर 20 लाख रुपये मांग कर रहे थे। कोतवाली
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली पर कार्रवाई नहीं की।
चित्रकूट जनपद के शिवरामपुर थाना क्षेत्र में तमरार गांव मेें बनाए जा रहे चेकडैमों में शुक्रवार को दस्यु बलखड़िया ने गिरोह के साथ धावा बोलकर काम रुकवा दिया था। 300 बोरी सीमेंट नदी में डालकर खराब कर दी थी। एक बालक समेत दो मजदूरों को टंकी की छत से नीचे फेंक दिया था।
घटना के दूसरे दिन शनिवार को चेकडैम संख्या-3 के ठेकेदार आनंद उर्फ बब्बू त्रिपाठी अपने साथ कई लाइसेंसी शस्त्र धारकों के साथ निर्माण स्थल पर डटे रहे। असलहाधारी लोग ऊंचाई पर खड़े होकर निगरानी करते रहे।
कुछ महिलाओं व वृद्ध मजदूर ठेकेदार के कहने पर आए तो मगर निर्माण कार्य के बजाए इधर-उधर के काम करते रहे। निर्माण करने वाले कारीगर और मजदूर नदारद रहे। चेकडैम संख्या-4 मेें काम पूरी तरह ठप रहा।
उधर चेकडैम संख्या-3 के ठेकेदार आनंद त्रिपाठी ने बताया कि डकैत 9 अक्तूबर से ही उससे फोन पर 20 लाख रुपये चौथ की मांग कर रहे थे। 12 दिसंबर को दस्युओं ने उनके भाई अवधेश त्रिपाठी के मोबाइल फोन पर धमकी दी थी कि चौथ की रकम न पहुंचाई तो परिवार का सफाया कर दिया जाएगा।
ठेकेदार के मुताबिक उन्होंने 13 दिसंबर को कर्वी कोेतवाली में सूचना देकर सुरक्षा की गुहार लगाई थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली पर कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि अब इस घटना के बाद भी पुलिस उनकी सुरक्षा के प्रति गंभीर नहीं है। आनंद त्रिपाठी ने बताया कि वह सपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य भी हैं।
आनंद के मुताबिक मोबाइल नंबर 9919978506 से 10 अक्तूबर को, 7388085764 से 9 अक्तूबर को, 9179257518 और 7755014401 से 14 नवंबर को, 9005367584 से 12 दिसंबर को और फोन नंबर 9919785067 से 17 दिसंबर को चौथ मांगी गई।
उधर शुक्रवार शाम डीआईजी बीआर मीना और चित्रकूट एसपी स्वामी प्रसाद ने भारी फोर्स के साथ घटना स्थल का निरीक्षण किया। आसपास के जंगलों में डकैतों की तलाश में कांबिंग की। ग्रामीणों ने पूछताछ की। कांबिंग में एंटी डकैती इंचार्ज उमापति मिश्र, फतेहगंज थानाध्यक्ष पीपी शुक्ला, बदौसा थानाध्यक्ष चौधरी रमेश सिंह सहित पीएसी शामिल रही।