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बेटी के कातिल सौतेली मां और पिता को उम्रकैद

Tue, 31 Oct 2017 11:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बांदा
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बांदा। पुत्री की हत्या के जुर्म में सौतेली मां और पिता को अदालत ने आजीवन कारावास व 10-10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। घटना के बाद से दोनों जेल में है।  जसपुरा थाना क्षेत्र के नांदादेव गांव के रामखिलावन निषाद ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि उसकी पुत्री छेददी गजपुरवा गांव के रामऔतार पुत्र मिठाई लाल को व्याही थी। छेददी की मौत होने पर रामऔतार ने सुधा के साथ दूसरी शादी कर ली। छेददी के पुत्री संगीता (17) और पुत्र शैलेंद्र व महेंद्र थे। 20 सितंबर 2013 को रामऔतार और सुधा ने संगीता की गला दबाकर हत्या कर दी। शैलेंद्र व महेंद्र इसके चश्मदीद गवाह हैं। हालांकि इन दोनों को धमकी दी गई थी।  जनपद न्यायधीश भूपेंद्र सहाय की अदालत में सुनवाई के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता मनोज कुमार यादव व सहायक शासकीय अधिवक्ता मिस्कीन अली ने सात गवाह पेश किए।  दोनों को दोष सिद्ध पाते हुए मंगलवार को जिला सत्र न्यायाधीश भूपेंद्र सहाय ने आरोपी सौतेली मां और पिता को उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई।
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हत्या की कोशिश में पांच साल की कैद
बांदा (ब्यूरो)। हत्या की कोशिश के मामले में अदालत ने अभियुक्त को पांच साल  कठोर कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर पांच माह अतिरिक्त सजा काटनी होगी।  मर्का थाना क्षेत्र के समगरा गांव निवासी अखिलेश पुत्र श्याम कुमार तिवारी ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि गांव का शंकर सिंह पुत्र रामराज सिंह उससे रंजिश मानता था। 8 अप्रैल 2014 की शाम वह शौच गया था। तभी रास्ते में शंकर सिंह ने रायफल से उसे गोली मार दी। परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्तीं कराया और एफआईआर दर्ज कराई। तफ्तीश के बाद पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई एडीजे त्वरित न्यायालय (द्वितीय) अनिल कुमार (पंचम) की अदालत में हुई। सहायक शासकीय अधिवक्ता भूपत यादव ने सात गवाह पेश किए।  सुनवाई के बाद अदालत ने दोषी पाते हुए सजा सुनाई। गौरतलब है कि 27 अक्तूबर को फैसले की नियत तिथि पर अभियुक्त भाग निकला था। कुर्की आदेश जारी होने पर मंगलवार को कोर्ट में पेश हुआ।
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