परिजनों को समझाते पैलानी के एसडीएम और सीओ।
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थाने से करीब 100 मीटर दूरी पर शुक्रवार को शाम किसी वाहन की टक्कर से नौ वर्षीय बालक की मौत से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने पोस्टमार्टम के बाद शनिवार को शव सड़क पर रखकर मुख्य मार्ग जाम कर दिया। परिजनों का आरोप है कि दुर्घटना करने वाले वाहन का पुलिस जान बूझकर पता नहीं कर रही। लगभग चार घंटे बाद प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के आश्वासन पर जाम खत्म हुआ।
राजू गिरि का नौ वर्षीय पुत्र रघुनंदन उर्फ राघव शौच को जा रहा था। तभी सफेद रंग की अज्ञात कार ने उसे टक्कर मार दी। उसकी मौके पर मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि थाना पुलिस को वाहन का नंबर दिया गया, लेकिन पुलिस ने उसे तलाश कर पकड़ने में कोई दिलचस्पी नहीं ली।
इससे खफा परिजनों और ग्रामीणों ने शनिवार को सुबह बांदा-हमीरपुर मुख्य सड़क पर शव रख दिया और खुद भी धरने पर बैठकर जाम लगा दिया। पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद जाम खत्म करने को तैयार नहीं हुए। बताया कि मरने से पहले रघुनंदन ने खून से सड़क पर वाहन का नंबर लिखा था, लेकिन पैलानी थाने के दरोगा ने आकर उसमें मिट्टी डलवा कर मिटा दिया।
दोपहर को एसडीएम सुरेंद्र प्रसाद यादव, क्षेत्राधिकारी राजीव प्रताप सिंह, पैलानी थानाध्यक्ष राजीव कुमार, जसपुरा थानाध्यक्ष रामऔतार वर्मा सहित काफी संख्या में पुलिस फोर्स आ गई। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। इसमें रोडवेज की यात्री बसें भी शामिल थीं। एसडीएम और क्षेत्राधिकारी ने भरोसा दिलाया कि जांच कराकर वाहन का पता करके उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इसी के बाद दोपहर करीब एक बजे जाम खत्म हुआ।