अतर्रा। शुक्रवार को रात देवी प्रतिमा विसर्जन जुलूस
के दौरान हुए बवाल, आगजनी, पथराव और लाठीचार्ज की घटनाओं के बाद रविवार को
तीसरे यहां आम जनजीवन ढर्रे पर लौटने लगा।
हालांकि एहतियाती तौर पर
पुलिस और पीएसी ने फ्लैग मार्च किया। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस पहरा
जारी है। तीन दिनों बाद बाजार खुली और सड़कों व गलियों में चहल-पहल बहाल
हुई।
बवाल के बाद मौके पर पहुंचे जिला प्रशासन और आला अफसर तड़के तक
स्थिति संभालते रहे। शनिवार को फिर मुख्यालय से डीएम सुरेश कुमार व एसपी
आरपी पांडेय समेत एडीएम और अपर एसपी ने देर तक यहां पड़ाव डालकर हालात का
जायजा लिया।
रविवार को सब कुछ ठीक-ठाक होने पर व्यापारियों और
दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान और दुकान खोल लिए। सड़कों पर दिनचर्या बहाल
हो गई। चूड़ी वाली गली में भी सब कुछ सामान्य हो गया। यहीं की प्रतिमा
खंडित होने से बवाल हुआ था।
दोपहर को क्षेत्राधिकारी किरन सिंह और
थानाध्यक्ष राकेश पांडेय के नेतृत्व में पुलिस और पीएसी ने संयुक्त रूप से
नगर में फ्लैग मार्च किया। नरैनी, रोड, बांदा रोड, बिसंडा रोड, बदौसा रोड,
स्टेशन रोड आदि इलाकों में पुलिस का गश्त जारी रहा। हालांकि कोई घटना नहीं
हुई।
उधर, पुलिस ने उपद्रव मामले में जिन आरोपियों के विरुद्ध
रिपोर्ट दर्ज की है फिलहाल वह भूमिगत हैं। पुलिस उन्हें तलाश रही है।
हालांकि यह भी चर्चा है कि पुलिस ने उनको भी नामजद कर दिया जिनका इस बवाल
से कोई वास्ता नहीं था।
उधर, डीएम सुरेश कुमार ने कहा कि वास्तविक
उपद्रवियों पर ही कार्रवाई और गिरफ्तारी होगी। उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
अगर कोई निर्दोष है तो उसे परेशान नहीं किया जाएगा। उधर, पुलिस संदिग्ध
लोगों से पूछताछ लगातार कर रही है। रविवार को भी चार युवकों को अपने कब्जे
में लेकर पूछताछ की। बाद में उन्हें घर जाने दिया गया।