10 वर्षीय मासूम की निर्मम हत्या के आरोपी को पुलिस ने 24 घंटे के अंदर दबोच लिया। आरोपी का कहना है कि मृतक ने उसे अपनी मां के साथ आपत्तिजनक अवस्था में देख लिया था इसीलिए उसकी हत्या की।
उधर, आरोपी के इस बयान पर भड़के मृतक की मां और परिजनों ने कोतवाली में जमकर हंगामा मचाया। आरोपी को उनके हवाले करने की मांग की। परिजनों का यह भी कहना था कि घटना में और भी लोग शामिल हैं। पुलिस ने बमुश्किल उन्हें शांत किया।
सोमवार की रात निम्नीपार मोहल्ले में बाबू राजपूत के 10 वर्षीय पुत्र बागवान राजपूत की गला घोंटने के बाद ब्लेड से हाथ की नस काटकर हत्या कर दी गई। लाश नजदीक में बालू के ढेर में छिपा दी गई। मंगलवार को सुबह लाश बरामद हुई।
मृतक के पिता की तहरीर पर पड़ोसी युवक चांद पुत्र नत्थू के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस ने उसकी तत्काल तलाश शुरू कर दी। देर रात उसे कानपुर में दबोच लिया। हालांकि पुलिस बांदा बस स्टैंड से पकड़ना बता रही है।
पुलिस क्षेत्राधिकारी विनोद सिंह ने बुधवार को शहर कोतवाली में आरोपी को मीडिया के सामने भी पेश किया। आरोपी चांद ने पुलिस ने बताया कि 9 फरवरी को दोपहर बाग में वह मृतक की मां के साथ था। तभी बालक बागवान ने उसे आपत्तिजनक हालत में देख लिया और कहा कि वह पापा को बताएगा।
बकौल चांद उसने बागवान को समझाया और पैसे देने की लालच भी दी, लेकिन वह नहीं माना। इस पर उसने रात 9 बजे बागवान को बुलाकर गला दाब दिया। बाद में ब्लेड लाकर उसके हाथ की नस काट दी और उसे बालू के ढेर में दबाकर भाग गया। आरोपी ने पुलिस को बताया कि घटना के बाद वह कानपुर चला गया और वहां बर्रा में अपनी बहन के यहां ठहरा।
उधर, पुलिस का कहना है कि बुधवार की रात वह गुपचुप ढंग से बांदा आया था तभी उसे बस अड्डे में गिरफ्तार कर लिया। उधर, आरोपी के बयान को झूठा बताकर मृतक बालक की मां, परिजनों, पड़ोसियों ने जमकर हंगामा मचाया। कोतवाली के सामने सड़क पर धरना देकर कुछ देर जाम लगा दिया।
पुलिस पर आरोपी से मिली भगत का इलजाम लगाया। मृतक की मां ने कहा कि वह मंदिर में हाथ फैलाकर कसम खा सकती है कि आरोपी झूठे आरोप लगाकर रहा है। उसके पुत्र ने अमरूद तोड़ने से रोका था इसी बात पर आरोपी ने उसकी हत्या की है।
उत्तेजित परिजनों का कहना था कि आरोपी को उनके हवाले किया जाए। इस बीच कोतवाली प्रभारी रनवीर सिंह और कई दरोगाओं व पुलिस कर्मियों से परिजनों की जमकर झड़प हुई। बमुश्किल पुलिस ने समझा-बुझाकर शांत किया। लगभग दो घंटे यह हंगामा चला।