वन विभाग में तीन दर्जन से अधिक लोगों को फर्जी नौकरी देने के बदले लाखों रुपये हड़पने का मामना सामने आया है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नियुक्ति पत्रों पर बाकायदा विभाग के उच्च अधिकारियों के हस्ताक्षर और मुहर लगी हुई है। अब देखना यह होगा कि यह हस्ताक्षर फर्जी हैं या फिर स्कैन कर किए गए हैं। पुलिस ने वन विभाग के एक कर्मचारी सहित तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस की मानें तो इस मामले में बड़े पैमाने पर पैसा लगा है और कुछ उच्च अधिकारियों के शामिल भी होने की आशंका है। बुधवार को पक्का डंगा पुलिस स्टेशन में तीन दर्जन लोग इसकी शिकायत लेकर पहुंचे। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। अभी तक कोई भी आरोपी पुलिस की पकड़ में नहीं आया है। जानकारी के अनुसार अखनूर के रहने वाले रतन लाल ने पुलिस को शिकायत दी।
रतन के साथ 38 और लोग भी थे। इन लोगों ने पुलिस को बताया कि तीन लोगों के गिरोह ने उन्हें नौकरी लगवाने का झांसा देकर उनसे लाखों रुपये ठगे हैं। गिरोह का सरगना वन विभाग का कर्मचारी अनंतनाग का रहने वाला निसार अहमद है। उसके साथ-साथ दो और लोग हैं। इन लोगों ने अलग-अलग इलाके के युवकों को निशाना बनाया। कहा गया कि अलग-अलग विभाग में नौकरी लगवाई जाएगी। किसी को पुलिस, किसी को वन विभाग या अन्य विभाग में नौकरी दिलवाने के लिए कहा गया।
एसडीपीओ नार्थ, प्रबीत सिंह ने बताया कि जिन लोगों के खिलाफ इन लोगों ने शिकायत दर्ज कराई है, उनकी तलाश शुरू कर दी है। इन लोगों को छह महीने तक काम कराने के बाद वेतन नहीं मिला तो कहानी सामने आई। नियुक्ति पत्रों पर चीफ कंजरवेटर आफ फारेस्ट के हस्ताक्षर और मुहर है। पुलिस अब सचिवालय से इसकी जानकारी लेगी। देखना होगा कि जिन लोगों के खिलाफ शिकायत हुई, उनके नाम सही हैं, कंजरवेटर के हस्ताक्षर सही है या नहीं, इन तमाम पहलुओं पर जांच की जाएगी।