आरोपियों की गिरफ्तारी के बारे में जानकारी देते एसपी गणेश साहा
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पखवारे भर पहले घर से लापता हुई किशोरी को बंधक बनाकर कई दिनों तक गैंगरेप के बाद हत्या की गई थी। शव गांव के पास कुएं में फेंक दिया गया था। 12 जनवरी को पुलिस ने शव बरामद किया। इस प्रकरण में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें एक मृतका का चचेरा भाई भी बताया गया है।
बिसंडा थानाक्षेत्र के एक गांव में 5 जनवरी को खेत से 16 वर्षीय किशोरी लापता हो गई थी। दूसरे दिन जूते और दुपट्टा खेत में मिले थे। पुलिस ने अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की थी। 12 जनवरी को गांव के पास कुएं में उसका शव मिला था। सोमवार को पुलिस लाइन सभागार में पुलिस अधीक्षक गणेश साहा ने मीडिया को बताया कि बिसंडा पुलिस ने इस घटना का खुलासा करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
चारों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। एसपी ने बताया कि 5 जनवरी को शाम कृष्ण कुमार उर्फ लालू के कहने पर चारों ने किशोरी को खेत से अगवा किया और नजदीक में एक ट्यूबवेल में तीन दिन तक बंधक बनाकर उसके साथ गैंगरेप करते रहे। 8 जनवरी की रात चारों ने मिलकर खेत के पास स्थित कुएं में किशोरी की गला दबाकर हत्या कर दी और शव कुएं में फेंक दिया। 12 जनवरी को शव बरामद हुआ था।
एसपी ने बताया कि सोमवार को सुबह करीब 7 बजे बिसंडा थाना पुलिस ने नाहर पुरवा (अमवा) के पास कृष्ण कुमार उर्फ लालू पुत्र राजेश कुमार राजपूत, नीरज पुत्र गया प्रसाद और कंचन पुत्र महेंद्र (तीनों निवासी नाहर पुरवा, बिसंडा) और राकेश यादव पुत्र रामदीन (गड़ांव) को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास एक 315 बोर तमंचा व कारतूस मिले हैं। किशोरी का गला घोंटने में इस्तेमाल की गई साफी भी बरामद की है। एसपी के मुताबिक अभियुक्तों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। इनमें आरोपी कृष्ण कुमार उर्फ लालू मृतका किशोरी का चचेरा भाई बताया गया है। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में बिसंडा थाना प्रभारी लाखन सिंह सहित एसआई देवेश कुमार व आफताब अली, कांस्टेबल शिवगणेश यादव, देवेंद्र गोस्वामी और अजीत कुमार शामिल रहे। इन चारों पर धारा 363, 302, 201, 343, 376(डी) आईपीसी और 3/4 पाक्सो एक्ट निरुद्ध किया गया है। चारों को जेल भेज दिया गया है।