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प्रधान के अधिकार छीने

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बांदा। शौचालय निर्माण में गड़बड़ी, पंचायत भवन में अवैध कब्जे सहित सरकारी पैसे के दुरुपयोग आदि पर चित्रकूटधाम मंडल के उप निदेशक (पंचायत) दिनेश सिंह ने नरैनी ब्लाक के कुलसारी गांव के प्रधान के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार छीन लिए। ग्राम पंचायत संचालन के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। साथ ही ग्राम पंचायत सचिव के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं।
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उप निदेशक ने अपने तीन पृष्ठीय आदेश में कहा है कि पिछले माह मंडलीय परियोजना प्रबंधक संजय सिंह चौहान के साथ उन्होंने कुलसारी गांव के कार्यों का सत्यापन किया था। पंचायत भवन में बेहद गंदगी मिली। बिजली कनेक्शन नहीं था। पंचायत भवन में पूर्व प्रधान आनंदी प्रसाद का अवैध कब्जा है। पंचायत भवन को कार्यालय का रूप नहीं दिया गया। सामने कूड़े का ढेर मिला।

बल्देव पुरवा में बारात घर का रखरखाव नहीं हो रहा। गांव में स्वच्छता गोष्ठी में 475 परिवारों को शौचालय होने की सूची सुनाए जाने पर गांव वालों ने बताया कि 95 परिवारों में शौचालय बने हैं। 20 निर्माणाधीन हैं। 156 शौचालय अभी तक नहीं बने। 15 परिवारों की दोबार एमआईएस की गई है। 187 परिवारों के बारे में कोई जानकारी ही नहीं उपलब्ध थी। ग्राम पंचायत परिसीमन में 269 परिवार दर्ज हैं। जबकि बेस लाइन में 475 परिवार दिखाए गए हैं। एलओबी में 17 परिवार शामिल किए गए हैं।
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कई जगह शौचालय घरों से दूर खेतों में बने हैं। ग्राम पंचायत को कुल 208 शौचालयों के लिए महीनों पहले धनराशि उपलब्ध करा दी गई थी। अब तक सिर्फ 108 शौचालय बने हैं। 70 शौचालय बेसलाइन में नाम न होने वाले लाभार्थियों के बनवा दिए गए। शौचालय मानक के अनुरूप नहीं बने। जागरुकता के अभाव में लोग अभी भी शौच के लिए खुले में जा रहे हैं।

कई शौचालय सिर्फ कोठरी बनकर रह गए हैं। उप निदेशक ने कहा है कि यह सब भारी वित्तीय अनियमितता का प्रतीक है। ग्राम पंचायत में विकास संबंधी कोई काम नहीं कराया गया है। गांव की गलियों की स्थिति बहुत खराब है। राज्य वित्त/14वें वित्त आयोग की धनराशि से कोई काम न कराकर मनमाने ढंग से दुरुपयोग किया गया है।

उप निदेशक ने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिया है कि वह खुद इसका प्रभावी अनुश्रवण करके एक हफ्ते के अंदर एमआईएस कराए गए शौचालयों का निर्माण मानक के मुताबिक कराना सुनिश्चित करें। अवशेष पात्र लाभार्थियों को भी नियमानुसार प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराएं।

उप निदेशक ने निर्देश दिया है कि उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम के तहत जिलाधिकारी के माध्यम से ग्राम प्रधान के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों के प्रयोग और कामों पर रोक लगाते हुए त्रिसदस्यीय समिति गठित करें। साथ ही ग्राम पंचायत सचिव के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करना सुनिश्चित करें।
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