बांदा। ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि और तिंदवारी सीएचसी चिकित्साधिकारी के बीच शुक्रवार को हुई मारपीट शनिवार को तूल पकड़ गई। सीएचसी स्टाफ सहित पीएमएस (प्रांतीय चिकित्सा संघ) डाक्टर के पक्ष में लामबंद हो गए। रात में ही घायल डाक्टर की तहरीर पर पुलिस ने ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि और उनके साथियों के विरुद्ध संगीन धाराओं की रिपोर्ट दर्ज कर ली।
तिंदवारी सीएचसी के चिकित्साधिकारी डा. देव प्रकाश सिंह जिला अस्पताल में भर्ती हैं। उधर, ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि वरुण यादव के चेहरे पर भी गंभीर चोटें हैं। उनका भी पुलिस ने शनिवार को मेडिकल कराया था। शुक्रवार की रात मेडिकल कालेज के डा. विनीत, डा. अनूप और डा. भूपेंद्र ने अस्पताल आकर डा. देव को देखा। अपर निदेशक ओंकार नाथ कौशल और सीएमएस डा. किशोरीलाल भी मौजूद थे।
एसडीएम सदर संदीप कुमार भी अस्पताल पहुंचे और तिंदवारी थाना इंस्पेक्टर को एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा। इस पर डा. देव की तहरीर पर वरुण यादव और चार अज्ञात के विरुद्ध धारा 147, 332, 353, 386, 427, 506 आईपीसी की रिपोर्ट दर्ज कर दी गई। इसमें डा. देव ने वरुण यादव और उनके साथियों पर बुरी तरह मारपीट करने, सरकारी अभिलेख फेंकने और 10 हजार रुपये की मांग के आरोप लगाए हैं।
शनिवार को जिला अस्पताल में तिंदवारी एसएसआई रामबाबू यादव ने डा. देव और उनकी पत्नी श्रुति से बयान दर्ज किए। उधर, तिंदवारी सीएचसी में स्टाफ कर्मियों ने हमलावरों के विरुद्ध कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। प्राविंशियल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन (पीएमएस) के तत्वावधान में चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने डीएम व एसपी को ज्ञापन देकर आरोपियों की गिरफ्तारी और स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा की मांग की। एसपी ने जल्द ही गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि 24 घंटे में समुचित कार्रवाई नहीं हुई तो पहली अप्रैल से वह आंदोलन करेंगे। ज्ञापन देने वालों में एसोसिएशन सहित एनआरएचएम, एलटी संघ आदि शामिल रहे। पीएमएस संघ अध्यक्ष और संयुक्त निदेशक डा. एनडी शर्मा ने भी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। तिंदवारी प्रतिनिधि के मुताबिक हड़ताल के चलते तिंदवारी पीएचसी में मरीज भटकते रहे। 108 एंबुलेंस सेवा भी ठप रही।
डाक्टर और स्वास्थ्य कर्मी लामबंद, 24 घंटे में हो गिरफ्तारी, वरना आंदोलन
अमर उजाला ब्यूरो