डकैतों ने बुधवार रात शहर के व्यस्त इलाके स्टेशन रोड की एक दुकान से लगभग 50 लाख रुपये के असलहे, करीब पांच लाख के चार हजार कारतूस और करीब 50 हजार रुपये लूट लिए। लूटे गए असलहों में राइफल, रिवाल्वर, बंदूकें हैं। इससे पहले डकैतों ने शहर के ही मर्दननाका इलाके से प्राइवेट बस चुराई। इसी से दुकान पर पहुंचे। आड़ के लिए दुकान के सामने बस खड़ी करके गैस कटर से दुकान के ताले काटे, चौकीदार को बंधक बनाया और पुलिस को भनक तक नहीं लगी। डीआईजी, एसपी ने भी मौका मुआयना किया। डाग स्क्वायड, फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट की भी मदद ली गई, पर डकैतों का ठोस सुराग नहीं मिला। डीआईजी ने लापरवाही में ईगल टीम के दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया है।
डकैतों ने बुधवार रात करीब 12 बजे रेलवे स्टेशन से बमुश्किल एक फर्लांग दूर मुख्य मार्ग पर स्थित पंजाब आर्मरी (सरदार गन हाउस) के सामने चोरी की बस खड़ी की, फिर गैस कटर से दुकान के चारों ताले काट दिए। इसी बीच वहां आए दुकान के चौकीदार 60 वर्षीय रतिराम को दबोच लिया और रस्सी से हाथ-पैर बांधकर मुंह में टेप चिपका कर दुकान के अंदर डाल दिया। गैस कटर से दुकान का लाकर काटकर विभिन्न बोर की डेढ़ दर्जन राइफलें, बंदूकें, रिवाल्वर, पिस्टल व विभिन्न बोर के चार हजार कारतूस लूट लिए। अलमारी में रखे 49,900 रुपये भी लूटे और बस वहीं छोड़कर भाग निकले।
लूटे गए असलहों की कीमत लगभग 50 लाख और कारतूसों की कीमत पांच लाख बताई जा रही है। जांच को पहुंची पुलिस को शस्त्र दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे खराब मिले। बगल वाली शराब की दुकान के सीसीटीवी कैमरे में घटना का कुछ भाग की ही कैद हो पाया। इसमें चार बदमाश दिख रहे हैं। पुलिस का अनुमान है कि बदमाशों की संख्या ज्यादा रही होगी। सीसीटीवी कैमरे में एक बोलेरो जीप भी नजर आ रही है। उसमें दो लोग दिखाई दे रहे हैं। पुलिस देर रात तक लूटे गए असलहों की सही संख्या पता नहीं कर सकी थी। लूटे गए असलहों में बिक्री के लिए रखे नए शस्त्रों के अलावा निकाय चुनाव में जमा कराए गए असलहे भी थे। पुलिस ने दुकान के सारे अभिलेख कब्जे में ले लिए हैं। स्टाक रजिस्टर से शस्त्रों का मिलान किया जा रहा है। बस चुराकर लाई गई थी, इसका खुलासा सुबह हुआ, जब छानबीन के दौरान मालिक ने बस चोरी होने की बात बताई।
घटनास्थल से बमुश्किल 100 मीटर दूर स्टेशन तिराहे पर पुलिस की पिकेट ड्यूटी रहती है। रात को शहर में सात ईगल टीमें (बाइक सवार पुलिस) गश्त करती हैं। यूपी-100 भी आधा दर्जन हैं। इसके बावजूद इतनी बड़ी वारदात हो गई। सूचना मिलते ही डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी, एसपी शालिनी सहित क्षेत्राधिकारी, कोतवाली प्रभारी डीपी तिवारी आदि मौके पर पहुंचे। डीआईजी ने बताया कि स्टेशन रोड की घटना के समय ड्यूटी पर लगाई गई ईगल (बाइक टीम) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसमें दो सिपाही हैं।
घटना के खुलासे के लिए पुलिस की चार टीमें, कई थानाध्यक्ष, सब इंस्पेक्टर के अलावा पड़ोसी जिला महोबा के पुलिस अधीक्षक को भी लगाया गया है। डीआईजी ने बताया कि अपर पुलिस अधीक्षक से जांच कराई जा रही है। जिन पुलिसकर्मियों की लापरवाही पाई जाएगी, उन पर भी सख्त कार्रवाई होगी। पूरे चित्रकूटधाम मंडल में बदमाशों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने दुकान मालिक हरमिंदर सिंह की तहरीर पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ डकैती की रिपोर्ट दर्ज की है।