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युवा बेटे की हत्या में पिता को उम्रकैद

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बांदा। पुत्र की पिटाई के बाद गला दबाकर हत्या के मामले में त्वरित न्यायालय के अपर जिला सत्र न्यायाधीश ने बुधवार को पिता को उम्रकैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। हत्या की रिपोर्ट युवक के मामा ने दर्ज कराई थी। घटना के बाद से ही पिता जेल में है।
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चित्रकूट जिले के कर्वी कोतवाली क्षेत्र के बिहारा गांव निवासी श्याम सुंदर पुत्र परसन ने अतर्रा थाने में अपने बहनोई लक्ष्मी वर्मा पुत्र जगमोहन निवासी प्रहलाद का पुरवा थाना अतर्रा के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तहरीर में कहा था कि लक्ष्मी वर्मा ने अपने पुत्र हीरालाल (22) की 16 अगस्त वर्ष 2015 की रात पीटने के बाद गला दबाकर हत्या कर दी।

पुलिस में लिखाई रिपोर्ट के मुताबिक पहली पत्नी यानी हीरालाल की मां की मौत के बाद लक्ष्मी वर्मा ने दूसरी शादी कर ली थी। मां की मौत के बाद से हीरालाल अपने मामा श्याम सुंदर के यहां बिहारा गांव में रह रहा था। घटना से महीने भर पहले लक्ष्मी बेटे हीरालाल को अपने घर लिवा लाया था।
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जायदाद में हीरालाल को हिस्सा न देना पड़े, इसी कारण उसने पिटाई करने के बाद गला दबाकर हत्या कर दी। मामा श्याम सुंदर की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर 28 अगस्त 2015 को लक्ष्मी वर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तब से वह जेल में है।

पुलिस ने तफ्तीश में लक्ष्मी पर लगाए गए आरोप सही पाए। विवेचना के बाद पुलिस ने रिपोर्ट दाखिल किया। तकरीबन तीन साल तक चली सुनवाई के बाद त्वरित न्यायालय के अपर जिला सत्र न्यायाधीश ने बुधवार को पिता लक्ष्मी को धारा 302 में आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता आशुतोष मिश्र ने पैरवी की और पांच गवाह पेश किए थे।
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