खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जनवरी से दिसंबर माह तक लिए गए 150 संदिग्ध खाद्य सामग्री के नमूनों में 40 से ज्यादा फेल पाए गए। एडीएम कोर्ट से 25 मिलावट कर्ताओं पर साढ़े छह लाख रुपये जुर्माना किया गया है।
सीजेएम कोर्ट में 50 से ज्यादा मामले लंबित हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने वर्ष 2014-15 में बड़ी संख्या में दुकानों से खाद्य सामग्रियों के नामूने सील किए। दूध में पानी तो खोवा में फैट कम मिला। पनीर और सरसों तेल भी मानक के अनुसार नहीं पाए गए। नमूनों को जांच के लिए आगरा लैब भेज दिया गया।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अफसरों का कहना है कि उनका काम नमूने लेकर जांच को भेजना है। रिपोर्ट आने के बाद मुकदमा दर्ज कराया जाता है। जुर्माना व सजा कोर्ट के जिम्मे है। उधर, मिलावटखोरी मामले में एडीएम कोर्ट से वर्ष 2014-15 में 25 मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 6.50 लाख रुपये जुर्माना वसूला गया है।
फरवरी माह में पांच मिलावटखोरों पर 95 हजार रुपये जुर्माना किया गया। इनमें शिवकरन हेलवा डेरा (कनावार) के दूध में मिलावट पर 10 हजार, रामस्वरूप निवासी चिलेहटा (मटौंध) पर 25 हजार, मुन्ना यादव (मोहनपुर) पर दूध में ही 25 हजार रुपये तथा आशुतोष गुप्ता उर्फ रिंकू निवासी अलीगंज पर 10 हजार रुपये जुर्माना किया गया। लखन कालोनी (अतर्रा) निवासी ओमप्रकाश चौरसिया के यहां खोवा में मिलावट पर 25 हजार जुर्माना वसूला गया।
अभिहीत अधिकारी चंद्रशेखर मिश्रा के मुताबिक, होली के दौरान चित्रकूट मंडल में करीब 200 नमूने लिए गए हैं।