बांदा। ‘मैन पावर’ के साथ ‘फायर पावर’ जुटाने में जुटे नवोदित दस्यु सरगना ललित पटेल गिरोह में पांच और नए सदस्यों के जुड़ जाने की खबर है। इन्हें मिलाकर सदस्यों की संख्या अब एक दर्जन बताई जा रही है। इसी तरह गिरोह ने थ्री नाट थ्री व थर्टी फील्ड स्प्रिंग राइफल हासिल कर अपना फायर पावर बढ़ा लिया है। शायद इसी के बलबूते पिछले दिनों गिरोह ने चित्रकूट जनपद के खम्हरिया गांव में धावा बोलकर कमीशन के लिए मनरेगा का काम ठप करा दिया था। यह अभी भी बंद है।
लंबे समय तक आतंक का पर्याय बने रहे पूर्व दस्यु सरगना ठोकिया के मारे जाने के बाद अब इस इलाके में ललित पटेल गिरोह चर्चा में है। यह गिरोह अक्सर वारदातें अंजाम दे रहा है। चित्रकूट जिले में पौशलहा (रसिन) गांव का रहने वाला ललित पटेल अपना मजबूत और बड़ा गिरोह तैयार करने में जुटा हुआ है।
बीहड़ के सूत्रों के मुताबिक ललित पटेल गिरोह में पांच और नए सदस्य शामिल हो गए हैं। इनमें मध्य प्रदेश के सिजवार (गुप्त गोदावरी) और बघोलन के दो-दो और एक सदस्य छीतूपुर कैलहा का है। इनकी भर्ती होने के बाद गिरोह में स्थाई सदस्यों की संख्या एक दर्जन बताई जा रही है।
यह भी चर्चा है कि गिरोह में कई कैजुअल सदस्य भी है। लगातार मजबूत होते जा रहे ललित पटेल गिरोह का मूवमेंट सबसे ज्यादा मध्य प्रदेश का सती अनसुइया व कोल्हुआं जंगल है। यह दोनों जंगल डकैतों के सबसे सुरक्षित इलाके बताए जाते हैं।
वैसे भी आपरेशन पोस्ट भरतकूप क्षेत्र के मानपुर, खम्हरिया, बंदरी, सिलखोरी, बगहिया, घुरेटनपुर आदि ऐसे बीहड़ी गांव हैं जहां डकैत गिरोहों को हमेशा पनाह और ग्रामीणों को संरक्षण मिलता रहा है। उधर, इस बारे में चित्रकूट और बांदा जनपद के पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह में नए सदस्यों के शामिल होने की उन्हें जानकारी नहीं है। न ही ऐसी कोई सूचना मिली है। डकैतों के विरुद्ध कांबिंग व अभियान लगातार जारी है।
-तीन चित्रकूट और दो बांदा के, ‘मैन’ और ‘फायर’ पावर जुटाने में जुटा गिरोह
-पुलिस से लूटी रायफलें भी गिरोह के पास
अमर उजाला ब्यूरो