बांदा। दहेज हत्या में दोषी पाए गए पति को अदालत ने 10 वर्ष की कठोर कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जमानत खारिज कर उसे जेल भेज दिया गया है। आरोपी सास-ससुर पर दोष सिद्ध न होने पर बरी कर दिए गए।
शहर के नुनिया मोहाल निवासी सुरेश प्रजापति पुत्र मइयादीन द्वारा धारा 156(3) के तहत दी गई अर्जी पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 2 अप्रैल 2010 को मटौंध थानाध्यक्ष को रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए थे। अर्जी में सुरेश ने कहा था कि उसने अपनी बहन गायत्री देवी (24) की शादी मोहन पुरवा (मटौध) निवासी अरूण कुमार प्रजापति पुत्र विशाल के साथ 18 जून 2008 को की थी।
शादी के दिन कलेवा में पति द्वारा दहेज में मोटर साइकिल की मांग की थी। लेकिन वह यह फरमाइश पूरी नहीं कर पाया। इसी को लेकर पति अरूण कुमार, ससुर विशाल प्रजापति, सास रामसखी गायत्री को प्रताड़ित करते थे। कहा कि 8 मार्च 2010 को जहरीला पदार्थ खिलाकर गायत्री की हत्या कर दी गई।
रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने तफ्तीश की और चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की। अभियोजन और बचाव पक्ष की सुनवाई के बाद सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश/द्वितीय त्वरित न्यायालय ने अभियुक्त पति अरुण कुमार को धारा 304बी में 10 वर्ष की जेल और 10 हजार रुपये जुर्माना, 498ए में 2 वर्ष की जेल व 2 हजार रुपये जुर्माना और 3/4 दहेज एक्ट में एक वर्ष की कैद व 2 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त जेल होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से आशुतोष मिश्र ने छह गवाह पेश किए।