फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गन लुटेरा गिरोह 48 घंटे के लिए बांदा पुलिस के कब्जे में

विज्ञापन
विज्ञापन
बांदा। पंजाब आर्मरी से आधा सैकड़ा बंदूक और रायफल तथा चार हजार से ज्यादा कारतूस की डकैती के आरोपी आधा दर्जन अभियुक्तों को शहर कोतवाली पुलिस ने गुरुवार को दोपहर जेल से अपने कब्जे में ले लिया। अदालत ने अभियुक्तों को 48 घंटे के लिए रिमांड पर दिए जाने की पुलिस की अर्जी बुधवार को मंजूर कर ली थी। अपने कब्जे में लेने के बाद पुलिस अभियुक्तों को कड़ी सुरक्षा में कई स्थानों पर ले गई। उनसे डकैती का राज उगलाने के लिए पुलिस हर हथकंडा अपना रही है।
विज्ञापन


डकैती के मुख्य सरगना साहिल खां उर्फ सुक्खा उर्फ पासा सहित छह बालिग और एक नाबालिग आरोपी को बांदा कोतवाली पुलिस नासिक (महाराष्ट्र) जेल से 3 जुलाई को यहां लाई है। अदालत ने सभी छह बालिग अभियुक्तों को बांदा जेल और एक नाबालिग आरोपी को बाल किशोर गृह चित्रकूट भेज दिया।

बांदा पुलिस ने इन सभी को रिमांड पर लेने के लिए विशेष न्यायाधीश (डकैती) के यहां अर्जी दी थी। बुधवार को अदालत ने अर्जी मंजूर करते हुए छह अभियुक्तों को 48 घंटे के लिए रिमांड पर देने का आदेश दिया। गुरुवार को दोपहर करीब 12.20 बजे कोतवाली प्रभारी श्रीनिवास यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इन आरोपियों को जेल से रिमांड कस्टडी पर अपने कब्जे में लिया।
विज्ञापन


कड़ी सुरक्षा और बंद वाहन में पुलिस आरोपियों को लेकर कई जगह गई। उन्हें शहर से चंद किलोमीटर दूर देहात कोतवाली ले जाया गया। पुलिस लाइन में भी कुछ देर रखा गया। यहां उनसे सख्ती से पूछताछ की गई। आर्मरी की दुकान लूटने की घटना में इस्तेमाल की गई बस को चोरी करने वाले स्थान पर भी लेकर गई। हालांकि कोतवाली प्रभारी इन सबसे इनकार कर रहे हैं।

उनका कहना है कि फिलहाल कोतवाली में ही उनसे पूछताछ की जा रही है। इन अभियुक्तों को 48 घंटे पूरे होने पर शनिवार को वापस जेल भेज दिया जाएगा। अदालत के आदेश के मुताबिक अभियुक्तों को जेल से लेने और वापस दाखिल करने के पूर्व उनका जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण होगा।

मुंबई से बांदा आए थे बंदूकें लूटने
बांदा। पिछले वर्ष 13 दिसंबर 2017 को बांदा शहर में व्यस्त रहने वाले इलाके स्टेशन रोड में स्थित पंजाब आर्मरी (शस्त्र की दुकान) में डकैती पड़ी थी। महाराष्ट्र के मुंबई से आए बदमाशों ने यह घटना अंजाम दी थी। मदद के लिए बांदा के एक नाबालिग को भी शामिल कर लिया था।

दुकान के चौकीदार को बांधकर दुकान में ही डाल देने के बाद यह बदमाश अपने साथ लाए वाहन में दुकान से 44 रायफल व बंदूक और 4180 कारतूस ले गए थे। इसके पूर्व बदमाशों ने शहर के मर्दन नाका इलाके में खड़ी एक प्राइवेट बस चोरी की थी। यह बस दुकान के सामने लाकर आड़ के लिए खड़ी कर दी थी।

बस भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले रखी है। असलहों से भरे वाहन और बदमाशों को अगले ही दिन नासिक में चांदवाड़ा थाना पुलिस ने पकड़ लिया था। लूटे हुए सारे असलहे बरामद करने के साथ चार लोगों को रंगेहाथ वाहन से गिरफ्तार किया था। महाराष्ट्र पुलिस ने बाद में दो अन्य को पकड़ा था। यह सब नासिक जेल में थे। बंदूक की दुकान का लूट का मुकदमा शहर कोतवाली में दर्ज है। इसलिए यहां की पुलिस वहां से इन्हें यहां लाई है।



ये हैं गन लूटने वाले गिरोह के सदस्य
बांदा। गन लुटेरे गिरोह में मुख्य सरगना साहिल खां उर्फ सुक्खा उर्फ पासा उर्फ बादशाह पुत्र अमानउल्ला खां (बिलाल मस्जिद, शिवड़ी, मुंबई) सहित नागेश बलसोड़े पुत्र राजेंद्र (नरुल न्यू मुंबई), आमिर पुत्र रफीक शेख (शिवड़ी, मुंबई), वाजिद अली पुत्र फैज (गांधी नगर, शिवड़ी, मुंबई), संजय सालुके पुत्र सूर्यकांत (सुमन नगर चेंबूर, मुंबई) और बड़ा सलमान पुत्र अनवर कुरैशी (नागवाड़ा, मुंबई) शामिल हैं। एक अन्य नाबालिग आरोपी बांदा शहर का है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें