अमर उजाला ब्यूरो
बेंदाघाट (बांदा)। पूर्व डीजीपी सुलखान के पैतृक गांव में उनके ही चचेरे चाचा के घर सोमवार को तड़के पड़ी डकैती में दूसरे दिन भी पुलिस को डकैतों का कोई सुराग नहीं लग पाया। साढ़े चार माह मेें इस परिवार में हुई दो घटनाओं से पूर्व डीजीपी के खानदानी और ग्रामीणों में खासा रोष है। स्थानीय थाना पुलिस ने उन्हें समझा-बुझाकर दो दिन की मोहलत मांगी है। उधर, मंगलवार को पुलिस अधीक्षक भी गांव पहुंचीं और भुक्तभोगी परिवार से जानकारियां लीं। मकान का बारीकी से निरीक्षण किया।
पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह के पैतृक गांव जौहरपुर के मजरा चारकूरा में उनके खानदानी और पेशे से शिक्षक गजेंद्र सिंह के घर सोमवार को तड़के करीब तीन बजे अज्ञात बदमाशों ने धावा बोलकर गृहस्वामी और उनके चचेरे भाई को कमरों की कुंडी लगाकर कैद कर दिया। आंगन में सो रही वृद्ध चाची मीरा की नींद खुली तो उनके ललकारने पर डंडे से हमला कर दिया। कमरे और अलमारी के ताले तोड़कर करीब छह लाख रुपये के जेवरात और दो लाख रुपये कैश निकाल लिया।
मीरा के मुताबिक, बदमाश बनियान और अंडरवियर पहने हुए थे। तिंदवारी थाने में पुलिस ने गृहस्वामी गजेंद्र ओर से घटना की रिपोर्ट चोरी के रूप में दर्ज की है। मंगलवार को पुलिस अधीक्षक शालिनी ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने देर तक पूरे घर का सघन मुआयना किया। डकैतों के जाने-आने के रास्ते, तोड़ी गई कुंडी और ताले आदि देखे। बदमाशों के हमले में घायल वृद्धा मीरा देवी ने एसपी को आंखों देखी पूरी घटना बताई। परिजनों में रोष भी नजर आया। एसपी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि पुलिस पूरी सक्रियता से डकैतों की सुरागरशी में जुटी हुई है। जल्द ही खुलासा होगा। एसपी ने तिंदवारी थाना प्रभारी रामाश्रय यादव को निर्देश दिए कि जुट कर इस घटना का खुलासा करें। एसपी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि विवेचना की जा रही है। उन्होंने घायल मीरा देवी से मिली जानकारी का हवाला देकर कहा कि घटना दो लोगों ने की है। लाखों के जेवर ले गए हैं।
बेंदाघाट। प्रदेश पुलिस के मुखिया रह चुके सुलखान सिंह के खानदानियों पर पिछले साढ़े चार माह के अंतराल में चोरी व डकैती की यह दूसरी घटना है। इसके पूर्व जनवरी में उनके खानदानी के घर सेंधमारी करके कई लाख की चोरी हुई थी। पुलिस आज तक उसका भी खुलासा नहीं कर पाई। अब इस घटना के बाद परिजन और ग्रामीण खासे खफा हैं। मंगलवार को ये इकट्ठा होकर जिला मुख्यालय डीआईजी और पुलिस अधीक्षक से मिलने आ रहे थे। इसकी भनक तिंदवारी थाना पुलिस को लग गई। थाना प्रभारी रामाश्रय यादव इन सभी को थाने पर बुलाकर कहा कि उन्हें दो दिन का मौका दें। पुलिस किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतेगी। पीड़ित परिजनों, ग्रामीणों और थाना प्रभारी के बीच थाने में देर तक बातचीत चली। परिजनों का कहना था कि साढ़े चार माह में दो घटनाएं हो चुकी हैं। पिछली घटना का खुलासा नहीं हुआ है। अंतत: थाना प्रभारी परिजनों को मनाने में सफल रहे। परिजन और ग्रामीण मुख्यालय न जाकर गांव लौट गए। साथ ही कहा कि दो दिन में खुलासा नहीं हुआ तो वह फिर अगला कदम उठाएंगे। उधर, थाना प्रभारी सोमवार की देर रात घटना स्थल पहुंचे। उनके साथ गई टीम ने मोबाइल नेटवर्क के जरिए जांच पड़ताल की। ब्यूरो
बेंदाघाट। भले ही पुलिस घटना में दो बदमाशों की बात कह रही है लेकिन गृहस्वामी गजेंद्र सिंह बताते हैं कि बदमाश कई थे। उन्होंने बताया कि उन्होंने खिड़की से बदमाशों पर फायर करना चाहा। इसी बीच उनकी बंदूक का फायर फंस गया। वरना वह एक-दो बदमाशों को मार गिराते। उन्होंने बताया कि उनके एक फायर करने के बाद भी एक बदमाश अंदर था। वह छत के रास्ते से चढ़कर पिछवाड़े से कूदकर भाग निकला। ब्यूरो
बेंदाघाट। चारकूरा के ग्रामीणों ने बताया कि मंगलवार को सेवानिवृत्त डीजीपी सुलखान सिंह से परिजनों और कुछ गांव वालों की फोन पर बात हुई। पूर्व डीजीपी ने उन्हें बताया कि समाचार पत्रों में उन्होंने पूरी खबर पढ़ी। इसके बाद उन्होंने डीआईजी और एसपी से बात कर शीघ्र खुलासे के लिए कहा। ब्यूरो
-पूर्व डीजीपी के पैतृक गांव में उनके खानदानी के घर डकैती का मामला
-दो दिन भी पुलिस को बदमाशों का कुछ नहीं लगा सुराग
-पीड़ित परिजनों और ग्रामीणों में रोष