अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। पंजाब आर्मरी में डकैती की जांच एक तरफ महाराष्ट्र में नासिक पुलिस और दूसरी तरफ बांदा में स्थानीय पुलिस कर रही है। महाराष्ट्र पुलिस जानना चाहती है कि असलहा लुटेरों के तार वहां किससे जुड़े हैं ? क्योंकि नाम तो दाऊद इब्राहीम गिरोह का भी आ रहा है। उधर, बांदा पुलिस इस पड़ताल में जुटी है कि बदमाशों को बांदा का रास्ता दिखाने और बताने वाले कौन-कौन शहर के बाशिंदे हैं ? तहकीकात में जुटे कोतवाली प्रभारी का कहना है कि शहर से 8-10 लोगों को उठाया है। उनसे पूछताछ में बहुत कुछ पता चला है। लूट में मुख्य सूत्रधार नासिक पुलिस की कस्टडी में है।
डीआईजी और एसपी से लेकर एसटीएफ, क्राइम ब्रांच और बांदा पुलिस पंजाब आर्मरी डकैती का पर्दाफाश करने में जुटी है। हालांकि डकैतों को पकड़ कर माल बरामदगी करने का असली श्रेय उनके हाथ से निकल गया। यह क्रेडिट महाराष्ट्र पुलिस के खाते में गया। फिलहाल नासिक से लौटी बांदा पुलिस यहां उन लोगों की तलाश में है जिन्होंने नासिक के खूंखार बदमाशों को यहां पनाह दी। उनके मददगार बने। कोतवाली प्रभारी डीपी तिवारी ने बताया कि लुटेरों का मुख्य सूत्रधार शहर के हाथीखाना मोहल्ले का सलमान पुत्र अमान उल्ला है। लुटेरे उसी के घर रुके थे। सलमान मूल रूप से देहात कोतवाली क्षेत्र के अरबई गांव का रहने वाला है। मुंबई में वह अपने मामा के साथ रहकर रेडीमेड कपड़े का कारोबार करता है। कोतवाली प्रभारी के मुताबिक सलमान मुंबई से बदमाशों के साथ बांदा आया था।
हाथी खाना में रहने वाली सलमान की दादी से भी पुलिस ने पूछताछ की है। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि सलमान के विरुद्ध बांदा कोतवाली में कोई मुकदमा नहीं है। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि पांच दिनों पूर्व लुटेरों ने रेलवे स्टेशन परिसर से बाइक चोरी की थी। इसी बाइक से वह रोजाना लूट की रैकी करते रहे। बाइक चोरी की रिपोर्ट अज्ञात के नाम दर्ज है। लुटेरों के तार दाऊद इब्राहीम गिरोह से जुड़े होने के बाबत कोतवाली प्रभारी का कहना है कि इसकी भी जांच की जा रही है।
-हाथीखाना बना बांदा पुलिस की जांच का केंद्र बिंदु
-8-10 लोगों से मिला पुलिस को बहुत कुछ सुराग
-रेकी के लिए पांच दिन पूर्व स्टेशन से चुराई थी बाइक