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एससीएसटी एक्ट में पिता- पुत्र समेत तीन को कैद

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बांदा। दलित वर्ग के तीन व्यक्तियों को अपमानित कर मारपीट करने के जुर्म में अदालत ने पिता-पुत्र सहित तीन अभियुक्तों दो-दो वर्ष की कैद और 2-2 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की आधी रकम घायलों को दी जाएगी।
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कोतवाली देहात क्षेत्र के लामा गांव की अनुसूचित जाति की आभा देवी पत्नी वंशगोपाल ने रिपोर्ट दर्ज करायी थी कि 4 अक्तूबर 2014 की शाम 6 बजे वह दरवाजे पर बैठी थी। तभी गांव का राजाभइया पुत्र राजबहादुर और उसका लड़का विक्की व रोहित पुत्र राजेंद्र सिंह अभद्रता करने लगे। उसके पुत्र हरीकिशन, पड़ोसी रामगोपाल और दामाद प्रेमचंद्र (पचनेही) तथा पुत्री माया को भी पीटा। जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने तीनों आरोपियों के विरुद्ध धारा 323, 504, 506 व एससी एसटी एक्ट के तहत अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया।

एससीएसटी न्यायालय के विशेष न्यायाधीश बिजेन्द्र कुमार सैलट की अदालत में सुनवाई के दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता आशुतोष मिश्र व चुनुबाद वर्मा ने अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह पेश किए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश ने पिता पुत्र समेत तीनो अभियुक्तों को दोष सिद्ध पाते हुए एससी एसटी एक्ट में दो-दो साल की कैद व दो-दो हजार रूपये जुर्माना, धारा 506 में दो-दो साल की कैद, 504 में एक -एक वर्ष और 323 में 6-6 माह की सजा सुनाई। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
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