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कांस्टेबल बने प्राइवेट बसों के गुर्गे

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बांदा। शहर के पुलिस कर्मी प्राइवेट बसों के गुर्गे बन गए हैं। विभाग की हो रही किरकिरी की परवाह किए बगैर प्राइवेट बसों में सवारियां बैठा रहे हैं। सोमवार को तड़के बलखंडी नाका पुलिस चौकी के दो सिपाहियों ने रेलवे स्टेशन के पास प्राइवेट बसों में सवारी बैठाने के लिए जमकर हंगामा काटा।
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अखबार लाने वाली टैक्सी के पहियों से हवा निकाल दी। ड्राइवर और ई-रिक्शा चालक से मारपीट की। दोनों सिपाही नशे में बताए गए हैं। डीआईजी मनोज तिवारी ने इसी गंभीरता से लेते हुए दोषी पुलिस कर्मियों को चिह्नित कर कार्रवाई को भरोसा दिलाया है।

डग्गामार और परिवहन नियमों का खुलेआम उल्लंघन कर रहीं बसों के संचालकों ने अब पुलिस कर्मियों को अपना गुर्गा बना लिया है। यह रोजाना तड़के रेलवे स्टेशन पहुंचकर अखबार लाने और ले जाने वाली टैक्सियों को अपना शिकार बनाकर बस मालिकों के नमक का हक अदा कर रहे हैं।
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ताजी घटना में सोमवार को तड़के करीब साढ़े तीन बजे बलखंडी नाका चौकी के दो कांस्टेबल सरकारी बाइक पर आ धमके। दोनों शराब के नशे में थे। पहले ई-रिक्शा चालक को पीटा। फिर अखबार ले जा रहीं टैक्सी के ड्राइवरों पर टूट पड़े। टैक्सी के पहियों की हवा निकाल दी। इसके पूर्व रविवार को भी इन कांस्टेबलों ने यही किया था।

उधर, शहर कोतवाली के कार्यवाहक निरीक्षक चंद्रपाल सिंह ने भी स्वीकारा कि दोनों सिपाही शराबी हैं। अक्सर शिकायतें मिलती हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। उधर, यूपी-100 के इंचार्ज एसआई नसीर खां ने कहा कि यूपी-100 की शहर में तीन बाइक हैं। यह तीन शिफ्ट में चलती हैं।

तीसरी शिफ्ट रात 10 से सुबह 6 बजे तक की होती है। इंचार्ज ने कहा कि इस बाइक के कोई कांस्टेबिल अवैध उगाही या गलत काम करेंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा। उधर, पुलिस उप महानिरीक्षक मनोज तिवारी ने इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि दोषी पुलिस कर्मियों को चिन्हित कराकर वह कार्रवाई कराएंगे।
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