बांदा। एक ही परिवार के दो पक्षों में हुई खूनी मारपीट और बाद में एक की मौत हो जाने के मामले में अदालत ने दोनों पक्षों के कुल 9 लोगों को जेल और जुर्माना की सजा हुई है। इनमें पांच सगे भाई हैं। एक किशोर अपचारी का मुकदमा किशोर न्याय बोर्ड में विचाराधीन है।
गिरवां थाना क्षेत्र के बड़ोखर बुजुर्ग गांव में दयाराम कुशवाहा पुत्र राम भरोसा ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि उसके पिता राम भरोसा कुशवाहा, चाचा रामाधीन और भाई द्वारिका प्रसाद 18 अप्रैल 2015 को शाम खलिहान जा रहे थे। तभी रास्ते में खानदान के ही संतोष कुशवाहा, नत्थू कुशवाहा, रामकुमार, मट्टू व बच्ची लाल कुशवाहा पुत्रगण श्रीपाल कुशवाहा व बच्चीलाल की पत्नी रामप्यारी, नत्थू की पत्नी हिरिया कुशवाहा और पत्तू की पत्नी सियाबाई ने प्राणघातक हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।
पिता राम भरोसा, चाचा रामाधीन व भाई द्वारिका को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। बाद में पिता राम भरोसा की कानपुर में मौत हो गई। अपर सत्र न्यायाधीश ने सुनवाई के बाद अभियुक्त संतोष कुशवाहा व उसके भाई मट्टू को गैर इरादतन हत्या में 4 साल की कैद व 2 हजार रुपये जुर्माना, धारा 308 में 2 वर्ष की कैद व एक हजार रुपये जुर्माना सहित अन्य धाराओं में भी जेल व जुर्माने की सजा सुनाई।
इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। दूसरे पक्ष के द्वारिका प्रसाद कुशवाहा व ननकू कुशवाहा को धारा 323 व 504 में एक वर्ष की कैद व एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोनों को परिवीक्षा पर इस शर्त पर छोड़ दिया कि वह 2 वर्ष तक सदाचार व शांति बनाए रखेंगें। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता आशुतोष मिश्र ने पैरवी की।