अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। बबेरू विकास खंड की ग्राम पंचायत मरका में विकास कार्यों के नाम पर 6.31 लाख रुपये के दुरुपयोग की बात जांच में सामने आई है। लेकिन जिला पंचायत राज अधिकारी ने प्रधान को सिर्फ कारण बताओ नोटिस देकर चुप्पी साध ली। सात माह बाद भी कार्रवाई न किए जाने पर मुख्य विकास अधिकारी ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने डीपीआरओ से मरका प्रधान के खिलाफ कार्रवाई को कहा है।
वित्तीय वर्ष 2017-18 में ग्राम पंचायत मरर्का (बबेरू) में शौचालय व अन्य विकास कार्यों के लिए पंचायतीराज विभाग ने स्वच्छ भारत मिशन, 14वें व चतुर्थ राज्य वित्त से करीब 52 लाख रुपये दिए थे। ग्रामीणों की शिकायत पर मुख्य विकास अधिकारी ने जांच कराई तो 6.31 लाख रुपये के दुरुपयोग का मामला सामने आया। 27 सितंबर 2017 को डीपीआरओ केके सिंह चौहान ने प्रधान व सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी की। इसके बाद चुप्पी साध ली।
मुख्य विकास अधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को पत्र भेजकर कहा है कि सात माह गुजरने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई, यह बेहद आपत्तिजनक है। जबकि अपर आयुक्त मनरेगा ग्राम्य विकास (लखनऊ) ने 21 नवंबर व 9 मई को पत्र भेजकर आख्या देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी से तत्काल संबंधित प्रधान व सचिव के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें भी अवगत कराने को कहा है।
-बबेरू विकास खंड के मरका ग्राम पंचायत का मामला
-सीडीओ ने प्रधान को कारण बताओ नोटिस दे साधी चुप्पी