बांदा। महिला से मारपीट मामले में अदालत ने दो सगे भाइयों समेत तीन को एक-एक साल की जेल और जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर एक माह अतिरिक्त जेल भुगतना पड़ेगी। उम्रदराज एक अन्य आरोपी को जेल भेजने की बजाए प्रोबेशन अधिकारी के समक्ष उपस्थिति दर्ज कराने के आदेश दिए।
तिंदवारी थाना क्षेत्र के सहिंगा गांव की जमुना देवी पत्नी जगजीत विश्वकर्मा ने 25 जून 2005 को पुलिस में शिकायत की थी कि गऊलाल और उसके समेत भाई रणजीत, पुत्र जितेंद्र व पिता हीरालाल ने उसके घर आकर लाठी-डंडों से मारपीट की। पुलिस ने एनसीआर दर्ज कर डाक्टरी परीक्षण कराया।
अदालत के आदेश पर पुलिस ने विवेचना की और न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी शैलेंद्र प्रताप सिंह ने चार गवाह पेश किए। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट रामकिशोर त्रिपाठी ने शुक्रवार को अभियुक्तों को सजा सुनाई। धारा 323 व 504/34 में अभियुक्त गऊलाल, रणजीत उर्फ रंजीत व जितेंद्र को एक-एक वर्ष की जेल व एक-एक हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
हीरालाल की उम्र 89 वर्ष होने पर अदालत ने कारावास की सजा न देकर एक वर्ष तक प्रोबेशन अधिकारी के समक्ष उपस्थिति दर्ज कराने का आदेश दिया।
उम्रदराज आरोपी को प्रोबेशन अधिकारी के समक्ष एक साल तक उपस्थिति दर्ज कराने का आदेश
अमर उजाला ब्यूरो