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बेटे से खफा मां ने फांसी लगाकर जान दी

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बड़ोखर बुजुर्ग (बांदा)। शादी में चढ़ावे के लिए दिए जेवर न लौटाने पर आए दिन बेटे से हो रहे विवाद के बाद मां ने सूना मौका पाकर घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। स्कूल से लौटी आठ वर्षीय पुत्री ने बंद दरवाजे देखकर पड़ोस में चाचा को खबर दी। दीवार फांद कर दरवाजा खोला गया। पति कानपुर में था। वहां वह प्राइवेट कंपनी में काम करता है।
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गिरवां थाना क्षेत्र के बड़ोखर बुजुर्ग गांव में शनिवार को दोपहर सदाप्यारी (42) पत्नी देशराज कुशवाहा सूने घर में दरवाजा बंद कर बरामदे की छत के छल्ले में रस्सी बांधी और फांसी पर झूल गई। पति और छोटा पुत्र कानपुर में थे। बड़ा बेटा कमल किशोर गांव में ही परिवार के साथ अपने अलग मकान में था।

दोपहर को आठ वर्षीय पुत्री शोभा स्कूल से लौटी तो घर के दरवाजे बंद मिले। शोभा की सूचना पर पड़ोस में रह रहा चाचा दीवार फांदकर घर में दाखिल हुआ तो सदाप्यारी का शव फंदे पर लटकता देखा। उसने तत्काल गिरवां थाने जाकर सूचना दी। उप निरीक्षण रणवीर सिंह गौर फोर्स के साथ आ गए और शव को फंदे से उतार कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इसी बीच मृतका का पति और छोटा बेटा भी पहुंच गए। वह कानपुर से सुबह चल दिए थे।
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परिजनों के मुताबिक सदाप्यारी ने बेटे कमल किशोर को पिछले वर्ष हुई उसकी शादी में चढ़ावे के लिए अपने जेवर दे दिए थे। इन्हें अब तक उसने वापस नहीं किए। मां-बेटे के बीच इसी को लेकर आए दिन विवाद होता था। बताते हैं कि घटना की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को भी दोनों के बीच जेवर को लेकर काफी विवाद हुआ। इस पर सदाप्यारी ने कानपुर में फोन कर पति को सूचना दी और गांव बुलाया। पति और छोटा बेटा सुबह ट्रेन से बांदा के लिए चल पड़े लेकिन इससे पहले ही सदाप्यारी ने आत्महत्या कर ली।
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-शादी में चढ़ावे के लिए दिए जेवर पुत्र नहीं कर रहा था वापस
-सूने घर में रस्सी से फांसी पर झूल गई
अमर उजाला ब्यूरो
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