बांदा। बच्चों के यौन उत्पीड़न चर्चित केस में सीबीआई द्वारा यहां पंचम सत्र न्यायाधीश/पास्को एक्ट विशेष न्यायाधीश की अदालत में दाखिल की गई चार्जशीट की प्रति आरोपियों के अधिवक्ता को उपलब्ध करा दी गई। उधर, आरोपी निलंबित जेई रामभवन व उसकी पत्नी दुर्गावती की न्यायिक अभिरक्षा 24 मार्च तक बढ़ा दी गई है। इसी दिन आरोपी जेई व उसकी पत्नी जेल से अदालत लाए जाएंगे।
सीबीआई ने अपनी विवेचना के करीब 104 दिन बाद 12 फरवरी को 891 पेज की चार्जशीट अदालत में दाखिल की थी। इसके बाद अदालत में कई तारीखें पड़ीं। अंतत: बुधवार (10 मार्च) को निर्धारित सुनवाई के दौरान दोनों अभियुक्तों की चार्जशीट की प्रति अदालत की अनुमति पर चार्जशीट उनके अधिवक्ता भूरा निषाद और अनुराग पटेल व देवदत्त त्रिपाठी को उपलब्ध करा दी गई। उधर, आरोपियों के अधिवक्ताओं ने चार्जशीट को अधूरा बताया। कहा कि इसमें धारा 164 सीआरपीसी के बयान संलग्न नहीं किए गए। न्यायाधीश मोहम्मद रिजवान अहमद के सवाल पर सीबीआई उपाधीक्षक अमित कुमार ने 2-3 दिन की मोहलत मांगी और कहा कि इस दौरान बच्चों के बयान की प्रति उपलब्ध कराने को कहा। अदालत ने यह मोहलत दे दी।
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