बांदा। शहर से सटे मवई गांव में बबूल के जंगल के बीच स्थित कुएं में मिले अज्ञात 30 वर्षीय युवक के सिर कटे शव की गुत्थी दूसरे दिन भी नहीं सुलझ सकी। उसकी पहचान के लिए पुलिस अंधेरे में तीर चला रही है। तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। शनिवार को भी पुलिस की दो टीमों ने हाईवे से लेकर घटनास्थल तक सिर की खोजबीन की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
पुलिस के मुताबिक, बेरहमी से कत्ल के पीछे प्रथम दृष्टया प्रेम प्रसंग प्रतीत हो रहा है। उसके गुप्तांग में भी गहरी चोट बताई गई। कोतवाली नगर क्षेत्र अंतर्गत शहर मुख्यालय से पांच किलोमीटर दूर स्थित मवई बुजुर्ग गांव में करीब आधा किलोमीटर का बबूल का जंगल है। यहां स्थित पानी से लबालब कुएं से शुक्रवार को पुलिस ने सिर कटा शव बरामद किया। उसके पेट में भी गहरे घाव थे और बायां पैर भी कटा था। कई घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस शव को बाहर निकाल पाई थी। उसकी शिनाख्त के प्रयास किए गए, लेकिन दूसरे दिन शनिवार को भी पहचान नहीं हो सकी। सोशल मीडिया के सहारे पुलिस उसकी शिनाख्त के प्रयास में जुटी है। फिलहाल अब तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी।
एएसपी महेंद्र प्रताप चौहान ने बताया कि शनिवार को कोतवाली पुलिस ने हाईवे से लेकर घटनास्थल और जंगल में सिर ढूंढने का प्रयास किया। कुएं में भी करीब एक घंटे तक जाल डालकर सिर खोजा गया, लेकिन सब बेअसर रहा। उन्होंने बताया कि फौरी जांच के आधार पर कुएं की जगत में ही अज्ञात युवक की हत्या कर उसका सिर काटा गया। गुप्तांग में भी चोट पाई गई। पेट चीरा गया था। निर्मम हत्या के पीछे प्रेम-प्रसंग प्रतीत हो रहा है। हर बिंदु पर पुलिस जांच कर
रही है। शिनाख्त न होने से पर्दाफाश में देरी हो रही है।
पड़ोसी जनपदों से मांगा गुमशुदा का ब्योरा
घटना के पर्दाफाश के लिए स्थानीय पुलिस ने आसपास के जनपदों की पुलिस से भी मदद मांगी है। एक सप्ताह के अंदर गुमशुदा हुए लोगों का ब्योरा मांगा है। एएसपी ने बताया कि जिले से सटे दूसरे जिलों की पुलिस से गुमशुदा लोगों की डिटेल के लिए संपर्क किया गया है। किसी भी थाने से कोई जानकारी हासिल होते ही स्थानीय पुलिस तुरंत जांच के लिए रवाना होगी।
कॉल डिटेल निकालने में जुटी पुलिस
निर्मम हत्या की गुत्थी में उलझी पुलिस तकनीक का भी सहारा ले रही है। घटनास्थल और इसके आसपास के क्षेत्र का मोबाइल डाटा भी खंगाला जा रहा है। शहर कोतवाली इंस्पेक्टर भास्कर मिश्र ने बताया कि बीटीएस सिस्टम की भी मदद ली जा रही है। कई कंपनियों से एक सप्ताह की कॉल, मैसेज, व्हाट्सएप कॉलिंग आदि की डिटेल मांगी गई है। घटनास्थल या आसपास से मोबाइल के जरिए कोई संपर्क किया गया होगा तो हत्यारोपियों तक पहुंचने में आसानी होगी।
फोरेंसिक व डॉग स्क्वॉड भी फेल
फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड टीम को भी कोई सफलता नहीं मिली। घटनास्थल से बरामद कुछ सामान की फोरेंसिक टीम ने फिंगर प्रिंट लिए। खून से सनी मिट्टी के नमूने और फोटोग्राफ्स लिए। डॉग स्क्वॉड ने भी करीब एक घंटे तक जांच की, लेकिन सब बेकार रहा। न फोरेंसिक टीम कोई राज खोल सकी और न ही डॉग स्क्वॉड से कुछ हासिल हुआ। इंस्पेक्टर भास्कर मिश्र ने बताया कि घटना के पर्दाफाश के लिए कोतवाली नगर की दो टीमें लगाई गई हैं।
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