बांदा। किशोरी के साथ अश्लील हरकतों के दोषी को बृहस्पतिवार को अपर सत्र न्यायाधीश पांच वर्ष की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माना किया गया है। एक दूसरी घटना में किशोरी से अश्लीलता करने पर दोषी को विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) रामकुमार द्वितीय ने एक वर्ष की कैद और 2000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। एडीजीसी रामसुफल सिंह के मुताबिक, नरैनी कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में 16 अक्तूबर 2018 की शाम 13 वर्षीय किशोरी देवी दर्शन करके घर लौट रही थी।
रास्ते में पड़ोसी राजकरन उसे बिस्कुट आदि देकर अपने घर ले गया और वहां छेड़छाड़ की। इसी बीच किशोरी का भाई वहां पहुंच गया। राजकरन भाग निकला। भाई ने 25 अक्तूबर को रिपोर्ट दर्ज कराई। 27 अक्तूबर को पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विवेचना के बाद आरोपपत्र दाखिल किया। एडीजीसी रामसुफल सिंह ने बताया कि चार गवाह पेश किए गए। बृहस्पतिवार को अपर सत्र न्यायाधीश ने दोषी राजकरन को पाक्सो एक्ट में 5 वर्ष की कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी। जुर्माना न देने पर दो माह और रहना होगा। दोषी को जेल भेज दिया गया।
उधर, बिसंडा थाना क्षेत्र के गांव में 10 मार्च 2012 को दोपहर 17 वर्षीय किशोरी घर में थी। 55 वर्षीय पड़ोसी दीवार चढ़कर उससे अश्लीलता की। इसी बीच किशोरी के पिता के आ जाने से वह कूदकर भाग निकला। पिता ने एससी/एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपपत्र दाखिल किए। विशेष अभियोजक विमल सिंह और एडीजीसी जावत्री प्रसाद विश्वकर्मा ने पांच गवाह पेश किए। विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) रामकुमार द्वितीय ने दोषी को एक धारा में तीन माह और एससी/एसटी एक्ट में एक-एक वर्ष की साधारण कैद व 2000 रुपये जुर्माना किया। जुर्माना न देने पर 15 दिन और जेल में रहना होगा।
फोटो परिचय-10-यौमे विलादत के जश्न में शेर पढ़ते नुक्कड़ बांदवी।
पैगंबर की बेटी का यौमे विलादत मनाया
बांदा। पैगंबरे इस्लाम हजरत मोहम्मद की बेटी हजरत फात्मा का यौमे विलादत (जन्मदिन) पूर्वी कोठी स्थित इमाम बारगाह में मनाया गया। इस मौके पर मनकबती मुशायरे में शायरों ने उनकी अहमियत और ऊंचे मुकाम बयां किए।
इस्लामी कैलेंडर के जमादिउस्सानी की 20 तारीख को हजरते बीबी फात्मा की यौमे विलादत हुई थी। इसी तारीख को यह जश्न मनाया गया। कायम रजा और हसन रजा की मेजबानी में मुशायरे में सरवर रब्बानी ने पढ़ा, हिजरत की शब हुजूर के बिस्तर पे हैं अली, किसकी मजाल आए जो बिस्तर के आसपास। अब्दुल हमीद वाकिफ बांदवी ने कहा, मेरे प्यारे मुस्तफा की इल्तजा जहरा की है, बख्श दे उम्मत को या रब ये दुआ जहरा की है। नजरे आलम नजर ने पढ़ा, हरेक जंग में बातिल ने मात खाई है, कहीं पे 300 कहीं 72 से। इनके अलावा ताजिर बांदवी, आदिल मसूदी, शोएब नियाजी, शब्बर रिजवी, नुक्कड़ बांदवी, मोहम्मद अब्बास, अहमद जकी, अली रजा, अली जकी, मेराज आदि ने भी कलाम पेश किए। (संवाद)
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पहले दिन पोस्टल बैलेट से 8 वकीलों ने डाले वोट
बांदा। जिला अधिवक्ता संघ चुनाव प्रचार चरम पर है। बृहस्पतिवार को पोस्टल बैलेट से अधिवक्ताओं ने मतदान किया। कुल 8 अधिवक्ताओं ने पोस्टल बैलेट से मतदान किया। एल्डर्स कमेटी अध्यक्ष मनमोहन सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। मुख्य मतदान 6 फरवरी को होगा।
उधर, कई पदों के प्रत्याशी अधिवक्ताओं से संपर्क और वोट की अपील में दिन-रात जुटे हुए हैं। जातिगत और अन्य गोटें बैठाई जा रही हैं। सबसे दिलचस्प और प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव अध्यक्ष और महासचिव पद को लेकर है। अध्यक्ष में वरिष्ठ अधिवक्ता एजाज अहमद, राजेश दुबे और रामलखन राजपूत प्रत्याशी हैं। महामंत्री में सत्यदेव त्रिपाठी, साधना द्विवेदी, राजेंद्र सिंह परिहार व मुकेश शुक्ला चुनाव लड़ रहे हैं। अधिकांश प्रत्याशी पूरा दिन अधिवक्ताओं से संपर्क और वोट मांगने की अपीलों में जुटे रहे। (संवाद)