बांदा। भारत के गांवों और कृषि के तौर-तरीके का जायजा लेने आईं वियतनाम की समाजसेवी महिला तू फाम ने कहा कि भारत वास्तव में कृषि प्रधान देश है। यहां कृषि और पशुओं के बीच गहरा रिश्ता है। यह भी बहुत महत्वपूर्ण बात है कि भारत के लोग गाय को मां के समान मानते हैं। ऐसी मिसाल दुनिया के अन्य देशों में नहीं है।मंगलवार को नरैनी क्षेत्र के गुढ़ा पंचायत गांव में विद्याधाम समिति और टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान की संयुक्त गोष्ठी में विशेष रूप से शामिल हुईं विदेशी समाजसेवी तू फाम ने कहा कि जैविक खेती स्वस्थ जीवन के लिए जरूरी है लेकिन कुछ किसान अधिक उत्पादन के लालच में रसायनिक खादों का अंधाधुंध इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे जमीन बीमार पड़ रही है। इससे बचने की जरूरत है। गोष्ठी में उपस्थित विधायक और उत्तर प्रदेश विधायिन समिति के सभापति विशंभर सिंह यादव ने कहा कि कई वर्षों से दैवी आपदाओं की मार झेल रहे बुंदेलखंड में स्थाई खेती और लघु उद्यमों से ही किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि गांव स्तर पर कार्यों के नियोजन की जरूरत है।
विधायक ने कहा कि गांवों में अगर कोई सामुदायिक सहभागिता से कृषि या बागवानी के प्लान बनाएगा तो उसमें वह खुद