बांदा। अलग-अलग केसों की सुनवाई के बाद अदालत ने दो आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी। एक किशोरी को फुसलाकर ले जाने और दूसरा नौ वर्षीय बालक से कुकर्म का केस था। दोनों प्रकरणों की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (पाक्सो) ने की।
पैलानी थाना क्षेत्र के एक गांव से 16 वर्षीय किशोरी को पिछले वर्ष 13 अगस्त को हमीरपुर के टेढ़ा गांव का जय सिंह उर्फ करिया बहला-फुसलाकर ले गया था। करीब आठ माह बाद पुलिस ने किशोरी को ढूंढकर बयान दर्ज कराए। किशोरी के भाई ने जय सिंह समेत तीन के विरुद्ध नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जय सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। सात फरवरी से वह जेल में है। आरोपी ने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की थी। शुक्रवार को दोनों पक्षों के वकीलों की सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश (पाक्सो) मोहम्मद रिजवान अहमद ने आरोपी की जमानत अर्जी यह कहकर खारिज कर दी।
आरोपी के विरुद्ध लगी गंभीर धाराओं में 20 वर्ष से आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है। ऐसी स्थिति में जमानत नहीं दी जा सकती। अभियोजन की ओर से अधिवक्ता रामसुफल सिंह, शिवपूजन सिंह व कमल सिंह गौतम ने बहस की। उधर, मरका क्षेत्र के एक गांव में 21 मई को शाम करीब 4 बजे नौ वर्षीय बालक से खेत में वृद्ध ने कुकर्म किया। पिता की तहरीर पर पुलिस ने नामजद वृद्ध के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली। आरोपी के पुत्र ने वकील के जरिए जमानत अर्जी अदालत में दाखिल की। उम्र सत्यापन के लिए आधार कार्ड भी दिया। अधिवक्ता ने आरोपी की उम्र 73 वर्ष होने और जमीन का विवाद बताकर जमानत देने का अनुरोध किया। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद जमानत अर्जी खारिज कर दी।