जिला अस्पताल मेें बंद पड़े कूलर।
- फोटो : अमर उजाला
बांदा। जिला महिला और पुरुष अस्पताल में बीमारी के साथ मरीजों को गर्मी से भी ‘जंग’ लड़नी पड़ रही है। वार्ड तप रहे हैं, पंखे गर्म हवा फेंक रहे हैं। बिना पानी कूलर लू के थपेड़ों का एहसास करा रहे हैं। मरीज मजबूरी में बेड पर पड़े हैं तो तीमारदार गलियों में समय काट रहे हैं। भीषण गर्मी में तीमारदारों को पानी के लिए भी भटकना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल में पुरुष और महिला वार्ड में 24-24 बेड हैं। इमरजेंसी वार्ड में 16 बेड पड़े हैं, लेकिन वार्डों में गर्मी से भर्ती मरीज बिलबिला रहे हैं। पुरुष और महिला अस्पताल के दो-दो वार्डों में सिर्फ एक-एक कूलर चल रहा है। उनमें भी पानी न भरे जाने से वह लू के थपेड़ों का एहसास करा रहे हैं। आकस्मिक वार्ड में एक कूलर है, पर उसके पंखे गायब हैं। आइसीलेशन में भी कूलर नहीं है। यहां पांच बेड हैं। प्राइवेट वार्डों के कूलर सही हैं और चल रहे हैं। महिला चिकित्सालय में भी वार्डों में कूलर कम हैं। जच्चा-बच्चा गर्मी में बिलबिला रहे हैं।
महिला अस्पताल की मरीजों ने बताया कि इतने बड़े वार्ड में सिर्फ एक कूलर चल रहा है। इनमें कभी पानी नहीं भरा जाता। सभी मरीज गर्म हवा खा रहे हैं। शिकायत पर अस्पताल प्रशासन से यही जुमला सुनने को मिलता है कि कूलर दुरुस्त होते ही वार्डों में लगा दिया जाएगा। पानी भी भराया जाएगा। उधर, सीएमएस डॉ. एसएन गुप्ता ने बताया कि महिला व पुरुष वार्डों में लगे सभी कूलर फिलहाल ठीक हैं। इमरजेंसी वार्ड का कूलर खराब है। उसकी मरम्मत कराई जा रही है।