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Banda News: डेढ़ दर्जन गांवों-पुरवों का संपर्क टूटा

Mon, 17 Aug 2026 11:46 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
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पैलानी। चंद्रावल नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से तहसील क्षेत्र में हालात बिगड़ने लगे हैं।
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पड़ोहरा-नांदादेव और गौरी-अमारा संपर्क मार्ग पर बने रपटों के ऊपर से पानी बह रहा है। इससे डेढ़ दर्जन से अधिक गांवों और पुरवों का सड़क संपर्क बाधित हो गया है। करीब 60 हजार की आबादी के सामने आवागमन का संकट खड़ा है।
पड़ोहरा-नांदादेव संपर्क मार्ग पर रपटे के ऊपर पानी आने से पड़ोहरा, मड़ौली खुर्द, मरोहला डेरा, भदवा डेरा, करेंना डेरा, मटेहना डेरा, पालों का डेरा और क्योटरा डेरा के ग्रामीण नाव से आवागमन कर रहे हैं। इन गांवों के करीब 250 हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के छात्र पैलानी और जसपुरा पहुंचने के लिए नाव का सहारा ले रहे हैं। छात्र-छात्राएं लाइफ जैकेट पहनकर नाव से नदी पार कर रहे हैं। प्राथमिक, जूनियर और कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक भी इसी तरह विद्यालय पहुंच रहे हैं।
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ग्रामीण राम बहादुर सिंह, संत कुमार शुक्ला, बृजमोहन सिंह, सुनील सिंह, प्रधान प्रतिनिधि सुरेश शिवहरे, जगमोहन सिंह, राजाबाबू सिंह, फूलचंद निषाद आदि ने बताया कि लगातार बारिश के बीच बच्चों और ग्रामीणों को नाव से आवागमन करना पड़ रहा है।
नाविक बलवीर, देवीदीन और रामसुफल निषाद ने बताया कि तहसील प्रशासन की ओर से लाइफ जैकेट उपलब्ध कराई गई हैं। तेज बहाव या तेज हवा चलने पर कुछ समय के लिए नावों का संचालन रोक दिया जाता है। वहीं, ग्रामीणों ने प्रशासन से एंबुलेंस व्यवस्था सुचारू कराने की मांग की है, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को समय से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसपुरा पहुंचाया जा सके। एसडीएम भूपेंद्र सिंह ने बताया कि चंद्रावल, केन और यमुना नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।

गौरी-अमारा मार्ग भी जलमग्न
गौरी-अमारा संपर्क मार्ग पर भी चंद्रावल नदी की बाढ़ से आवागमन ठप है। अमारा, शिवरामपुर, कुटी डेरा, गढ़ा, बरेहटा और इसके मजरे तथा खप्टिहा कलां के शिवपाल डेरा, दिप्पा डेरा, छनिहा डेरा और सेमरा डेरा समेत कई गांवों के करीब 30 हजार ग्रामीण आधा दर्जन नावों के सहारे आवागमन कर रहे हैं।
यहां नाविक शंकर और भूरा समेत अन्य नाविक ग्रामीणों को लाइफ जैकेट पहनाकर नदी पार करा रहे हैं। सुरक्षा के लिए दिन में दो और रात में दो होमगार्ड के अलावा जसपुरा और पैलानी पुलिस के कांस्टेबल भी तैनात किए गए हैं।

वाहन रपटे तक, आगे नाव का सहारा
भाथा-नांदादेव मार्ग से आने वाले दोपहिया और चारपहिया वाहन पड़ोहरा रपटे तक पहुंच रहे हैं। इसके बाद ग्रामीण अपने वाहन वहीं खड़े कर नाव से नदी पार कर रहे हैं।
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उधर, दोपहर दो बजे तक केन नदी का जलस्तर 96 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से सात मीटर नीचे है। यमुना का जलस्तर 90.72 मीटर रहा, जो खतरे के निशान से करीब 10 मीटर नीचे बताया गया। नदी का जलस्तर बढ़ने से किनारे बोई गई तिल और ज्वार की फसलों पर भी खतरा मंडरा रहा है।
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