प्रदेशव्यापी आह्वान में आयोजित आंदोलन को यहां कांग्रेस ने दो गुटों में निपटाया। एक ने हाइवे पर जाम लगाया तो दूसरे ने ट्रेन रोककर सुरक्षा कर्मियों को छकाया।
आंदोलन के दौरान भारी संख्या में उपस्थित पुलिस पूरी तरह कांग्रेस नेताओं के मान-मनौव्वल में लगी रही। इसके पीछे चंद घंटों बाद मुख्यमंत्री की आमद थी।
बृहस्पतिवार को जिला कांग्रेस के बैनर तले विधायक दलजीत सिंह और जिलाध्यक्ष अखिलेश शुक्ल ने केंद्र और राज्य सरकारों के विरोध में नारे लगाते हुए कलेक्ट्रेट से चंद कदम दूर नेशनल हाइवे पर धरना देकर जाम कर दिया। देर तक वाहनों का आवागमन ठप रहा। कांग्रेस नेता नारे लगाते रहे कि ‘झूठे वादों की मोदी सरकार, इससे बेहतर कांग्रेस सरकार।’
जाम लगाने वालों में उपाध्यक्ष एमयू दुर्रानी, भगवानदीन गर्ग, शोएब रिजवी, संतोष कुमार द्विवेदी, शंकर प्रसाद चतुर्वेदी, शिबवली सिंह, राममिलन पटेल आदि शामिल रहे।
उधर, शहर कांग्रेस कमेटी के बैनर तले कांग्रेस नेताओं ने रेलवे स्टेशन में पटरियों पर धरना देकर इलाहाबाद-झांसी पैसेंजर ट्रेन और एक मालगाड़ी को आधे घंटे से ज्यादा रोके रखा। इस दौरान बड़ी संख्या में मौजूद पुलिस बल और जीआरपी आदि के जवान खामोश तमाशा देखते रहे।
कुछ पुलिस कर्मी अपने मोबाइल फोन और कैमरे से इसकी फोटोग्राफी में व्यस्त रहे। बाद में क्षेत्राधिकारी प्रभात कुमार ने कांग्रेसियों को रेल पटरी और इंजन से उतार कर ट्रेनों को आगे रवाना कराया।
प्रदर्शन करने वालों में प्रदेश सचिव राजेश दीक्षित, शहर अध्यक्ष राजबहादुर गुप्ता, महिला अध्यक्ष सीमा खान समेत सैय्यद अल्तमश, रामजी दीक्षित, सूरज सिंह यादव, कालीचरन निगम, महेंद्र सिंह, अमित तिवारी, छेदीलाल धुरिया, संकटा प्रसाद त्रिपाठी, सुनील चौरसिया, बाबूराम निषाद, रफत खां गोगा, संतोष सिंह फौजी, श्याममोहन वर्मा, हरीओम वाजपेयी, शब्बीर सौदागार आदि शामिल रहे।