जिला महिला कांग्रेस ने प्रशासन द्वारा अनशनकारियों की अनदेखी और केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में मंगलवार को प्रदर्शन किया। अशोक लाट तिराहे पर पीएम मोदी का प्रतीकात्मक पुतला फूंका। राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर नारे लगाए। इसके बाद मौके पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट केएस पांडेय ने दो दिन में अनशनकारियों की समस्याएं दूर करने का भरोसा दिया।
महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष सीमा खान की अगुवाई में सुबह जुलूस के रूप में कार्यकर्ता अशोक लाट पर पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने झांसी-मिर्जापुर मार्ग जाम कर दिया। सीमा खान ने कहा कि नरैनी, महोबा सहित कई गांवों के लोग अपनी समस्याओं को लेकर एक सप्ताह से अशोकलाट पर अनशन कर रहे हैं।
कोई अधिकारी उनका हाल लेने नहीं पहुंचा। 48 डिग्री तापमान में अनशनकारियों की हालत बिगड़ रही है, लेकिन कोई अधिकारी उनका हाल जानने नहीं पहुंचा। महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा सड़क जाम की सूचना पर प्रभारी सिटी मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंचे।
उन्होंने दो दिन में सभी अनशनकारियों की समस्याओं के निस्तारण का भरोसा दिया। सिटी मजिस्ट्रेट ने रास्ते की मांग को लेकर अनशन कर रहे नरैनी क्षेत्र के लोगों का अनशन तुरंत तुड़वाया। महोबा की दुराचार पीड़ित किशोरी के परिजनों को कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम खोला।
इससे पूर्व जिला महिला कांग्रेस ने केंद्र सरकार के एक वर्ष के कार्यकाल को विफल बताते हुए पीएम नरेंद्र मोदी का प्रतीकात्मक पुतला फूंका। सीमा खान ने कहा कि सूटबूट वालों की सरकार झूठे वायदे कर सत्ता पर आ गई।
उन्होंने महंगाई पर भाजपा की केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उनके साथ नाजिया, शन्नो, शाजिया, बिस्मिल्ला, शहाना, रसीदा, जन्नो, विमला, सबीना, मुन्नी, लीला, सायरा, लक्ष्मी, रईसा, बेटी बाई, सितारा, रोशनी, कैलशिया, मीनू, हसीना, मीरा, जहांआरा, अफसाना, शकुंतला आदि महिला कार्यकर्ता मौजूद रहीं।
अनशनकारी किशोरी की हालत बिगड़ी
बांदा। अशोक लाट पर 5 मई से अनशन कर रही किशोरी की हालत मंगलवार को बिगड़ गई। सूचना पर पहुंचे उपजिलाधिकारी सदर एके पुष्कर और सीओ सिटी विनोद सिंह ने उसे जिला अस्पताल भेजा। फिलहाल यहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई गई।
बबेरू निवासी महिला दुराचार पीड़ित अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए 5 मई से अशोक लाट पर क्रमिक अनशन पर बैठी है। उसका कहना है कि पिछले वर्ष अक्तूबर में दबंगों ने बेटी का अपहरण कर दुराचार किया था। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली, पर चार आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
ये पीड़ित परिजनों को जानमाल की धमकी दे रहे हैं। उधर, अस्पताल में भर्ती कराने के बाद अफसरों ने किशोरी की दोबारा सुध नहीं ली।